यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bareilly News: भोजीपुरा के पिपरिया गांव में डेंगू संदिग्ध किशोरी की मौत, बरेली में अब तक करीब 30 लोग गवा चुके हैं जान
Dengue Cases In Bareilly बरेली में डेंगू का प्रकोप हर दिन तेजी से फैल रहा है। हर दिन एक दो ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, बरेली। Dengue Cases In Bareilly: बरेली में डेंगू का प्रकोप हर दिन तेजी से फैल रहा है। हर दिन एक दो लोगों की मृत्यु संदिग्ध डेंगू बुखार से हो रही है। मगर स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अभी तक एक भी मृत्यु नहीं हुई है। शुक्रवार को भोजीपुरा के पिपरिया गांव में एक डेंगू संदिग्ध किशोरी की मृत्यु हो गई। इस गांव में पहले भी कई लोग बुखार से दम तोड़ चुके हैं। तो 100 से अधिक लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं।
पिपरिया गांव के रहने वाले प्रदीप ने बताया कि, उनकी बेटी अलका को पिछले करीब आठ दिन पहले बुखार आया था। पहले तो उन्होंने गांव में ही इलाज कराया। वहां पर झोलाछाप ने ड्रिप लगा दी मगर फायदा नहीं हुआ तो उसे शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे। गुरुवार को उसे इलाज को भर्ती कराया तो डाक्टर ने जांच की। जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई। अलका को बहुत समस्या हो रही थी। डाक्टर ने क्रिटिकल हालत बताकर इलाज शुरू किया था। शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। अभी भी गांव में बुखार के कई मरीज ऐसे हैं जिनकी हालत गंभीर है।
डीबीसी ने काम किया बंद, बढ़ गया डेंगू का खतरा
डेंगू की रोकथाम में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर (डीबीसी) ने जिले में काम बंद कर दिया है। डेंगू मलेरिया शुरू होने से पहले इन सभी को कुछ समय के लिए विभाग ने 56 डीबीसी को भर्ती किया था। इन्हें श्रम विभाग के अनुसार वेतन मिलना था। डीबीसी का काम घरों में लार्वा को चेक कर उन्हें नष्ट करने का होता है। अभी तक इन लोगों करीब 2.39 लाख घरों का सर्वे कर लिया है। इसके बाद भी इनका भुगतान नहीं हुआ। इससे गुस्साए डीबीसी ने अब अपना काम बंद कर दिया है।
सीएमओ डा. विश्राम सिंह ने बताया कि कुछ कमी की वजह से इनका वेतन रोका गया था। मगर अब जल्द ही सभी काम वेतन मिल जाएगा यह बात भी सभी को समझा दी गई है। वह अब काम शुरू कर रहे हैं।
