Acid Attack in Bareilly: तीन तलाक पीड़‍िता पर पति ने फेंका एसिड, जिला अस्‍पताल में भर्ती: किला क्षेत्र के मलूकपुर चौकी की जुग्गन वाली गली में एक महिला पर उसके पति ने एसिड अटैक कर दिया। आनन-फानन में महिला को जिला अस्पताल पहुंचा गया। एसएसपी ने भी जिला अस्‍पताल पहुंचकर महिला का हाल जाना। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने की तैयारी में जुटी है। जुगल मोहल्ले की रहने वाली नसरीन की 11 साल पहले अपने ममेरे भाई इशाक से शादी हुई थी। स्वजनों ने बताया कि करीब एक महीने पहले नसरीन और उसके पति की छोटी बेटी के इलाज को लेकर लड़ाई हो गई थी। इसके बाद पति ने नसरीन को तीन तलाक दे दिया। तब से वह अपने मायके में आकर रहने लगी। स्वजन ने बताया की मंगलवार को पति घर पर आया तो उसके पास एक बोतल में एसिड था। थोड़ी देर बात की और उसके बाद एसिड फेंक कर भाग गया। यहां क्लिक करके पढ़‍िए पूरी खबर...

अब रिकार्ड होंगी ट्रेनों में होने वाली घटनाएं, बाडी वार्न कैमरों से लैस होंगे जीआरपी के दारोगा और सिपाही: जीआरपी के डीआइजी सौमित्र यादव ने मंगलवार को शाहजहांपुर जंक्शन पहुंचकर थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रेनों व जंक्शन पर चेकिंग करने के लिए जीआरपी के दारोगा व सिपाहियों को जल्द ही बाडी वार्न कैमरों से लैस करने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने कर्मचारियों की समस्याएं भी सुनीं और समाधान कराने का आश्‍वासन दिया। ट्रेनों व रेलवे जंक्शन पर चेकिंग अभियान के दौरान अक्सर यात्री जीआरपी के दारोगा व सिपाहियों पर अभद्रता करने या फिर ड्यूटी पूरी पारदर्शिता के साथ न करने के आरोप लगते रहते है। ऐसे में जीआरपी के सभी दारोगा व सिपाहियों को बाडी वार्न कैमरा देने का निर्णय लिया जा रहा है। यहां क्लिक करके पढ़‍िए पूरी खबर...

खाद्यान्‍न वितरण में पीलीभीत प्रदेश में नंबर वन, मई माह में 92 प्रतिशत कार्ड धारकों को मिला राशन: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मई महीने के खाद्यान्न वितरण में तराई के जिले को पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जिले में इस योजना के तहत 92.42 प्रतिशत उपभोक्ताओं को खाद्यान्न प्राप्त हुआ है। प्रदेश में दूसरा स्थान मीरजापुर को मिला है। वहां 91.81 लोगों को खाद्यान्न मिला जबकि कौशांबी जिला 91.75 प्रतिशत वितरण के साथ तीसरे स्थान पर रहा है। पीलीभीत जिले में कुल 3 लाख 74 हजार 87 राशन कार्ड हैं। इन राशन कार्डों में 16 लाख 32 हजार 215 यूनिट संबद्ध हैं। मई के महीने में इनमें से 3 लाख 45 हजार 515 राशन कार्ड धारकों ने खाद्यान्न प्राप्त किया है। इससे 15 लाख 31 हजार 663 यूनिट को लाभ मिला है। यहां क्लिक करके पढ़‍िए पूरी खबर...

Bareilly News: अब खुलेगा बरेली के झुमके का रहस्‍य, लाइट एंड साउंड शो में दिखाई जाएगी पूरी कहानी: ख्यातिलब्ध कवि व साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन की पत्नी तेजी सूरी का नहीं बल्कि ‘सिपाही’ झुमका बरेली के बाजार में गिरा था। स्मार्ट सिटी कंपनी लाइट एंड साउंड सिस्टम के जरिए आजादी के मतवालों व बरेली के झुमका सिपाही की कहानी पूरी दुनिया को दिखाने जा रहा है। जिसमें 1857 की क्रांति में अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाले स्वतंत्रता सेनानी खान बहादुर खान की अमृतगाथा को भी शामिल किया गया है। भारतीय स्वधीनता संग्राम के इतिहास में बरेली शहर के इतिहास को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यहां क्लिक करके पढ़‍िए पूरी खबर...

बदायूं पुलिस के 100 दिन के कार्यों से संतुष्‍ट नहीं एडीजी, टाप टेन अपराधियों के लाइसेंस निरस्‍त करने के निर्देश: योगी सरकार-2 के सौ दिन पूरे होने वाले हैं। सरकार गठन के बाद सभी को सौ दिन का लक्ष्य दिया गया था। हर विभाग के पास अपना डेटा था, उस डेटा के अनुसार उनके काम निर्धारित थे। अब सौ दिन की तारीख नजदीक है तो पुलिस विभाग में जोन स्तर पर इसकी समीक्षा शुरू हो गई। एडीजी राजकुमार ने बदायूं पुलिस द्वारा 25 मार्च से 12 जून तक किए कार्यों की समीक्षा की तो वह संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने एसएसपी बदायूं को पत्र भेजकर कमियों को गिनाया और उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य रूप से टॉप-10 अपराधियों के लाइसेंस निरस्त न किए जाने और गैंगस्टर के तहत कम अभियोग पंजीकृत किए जाने पर सवाल खड़े किए हैं। यहां क्लिक करके पढ़‍िए पूरी खबर...

पीलीभीत में दोहराई गई पंकज त्रिपाठी की फिल्‍म 'कागज' की कहानी, लेखपाल ने किसान को मृत दिखाकर बेटों के नाम कर दी जमीन: पिछले साल अभिनेता पंकज त्रिपाठी की एक सच्‍ची घटना पर बनी फिल्‍म कागज रिलीज हुई थी। उस फिल्‍म में दिखाया गया था कि कैसे एक भ्रष्‍ट लेखपाल एक किसान को मृत दिखाकर उसकी जमीन दूसरे के नाम कर देता है। बाद में उस किसान को खुद को जिंदा साबित करने में 19 साल लग जाते हैं और तब उसे अपनी जमीन वापस मिलती है। कुछ ऐसा ही मामला पीलीभीत के पूरनपुर में सामने आया है। यहां भी एक भ्रष्‍ट लेखपाल ने तीन साल पहले जीवित किसान को मृत दर्शाकर उसके बेटों के नाम जमीन की वरासत कर दी। हालांकि, राजस्व निरीक्षक की जांच में जब मृत दर्शाया गया किसान गांव में मिला तो एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया। साथ ही तहसीलदार को पूरे मामले की जांच कर विभागीय उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट देने के निर्देश हैं। यहां क्लिक करके पढ़‍िए पूरी खबर...

Edited By: Vivek Bajpai