बदायूं, (अंकित गुप्‍ता)। योगी सरकार-2 के सौ दिन पूरे होने वाले हैं। सरकार गठन के बाद सभी को सौ दिन का लक्ष्य दिया गया था। हर विभाग के पास अपना डेटा था, उस डेटा के अनुसार उनके काम निर्धारित थे। अब सौ दिन की तारीख नजदीक है तो पुलिस विभाग में जोन स्तर पर इसकी समीक्षा शुरू हो गई। एडीजी राजकुमार ने बदायूं पुलिस द्वारा 25 मार्च से 12 जून तक किए कार्यों की समीक्षा की तो वह संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने एसएसपी बदायूं को पत्र भेजकर कमियों को गिनाया और उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य रूप से टॉप-10 अपराधियों के लाइसेंस निरस्त न किए जाने और गैंगस्टर के तहत कम अभियोग पंजीकृत किए जाने पर सवाल खड़े किए हैं।

25 मार्च को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। इसके बाद से ही उन्होंने सभी विभागों की सौ दिन की कार्ययोजना भी तय कर दी थी। इसमें पुलिस के लिए चिन्हित माफिया अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई, टॉप-10 अपराधियों के विरुद्ध र्कावाई और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को सुरक्षित माहौत देने आदि बिंदु प्रमुख रूप से शामिल किए थे। इस कार्ययोजना के बाद जिले में भी तेजी से कार्य शुरू किया। एसएसपी डा. ओपी सिंह ने इसके लिए अलग से बैठक आयोजित की और सभी थानाध्यक्षों को संबंधित कार्ययोजना के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद जिले में ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। गैंगस्टर, माफिया और टॉप-10 अपराधियों की गिरफ्तारी कर जेल भेजा गया और उनकी संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई भी हुई। 12 जून तक जिले में 5,20,92,856 रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी थी। इसके बाद बीते दिनों भी फैजगंज बेहटा और सिविल लाइंस पुलिस ने संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई की है।

एडीजी ने इन बिंदुओं पर दिए निर्देश: जिले में अब तक 93 माफिया चिन्हित किए गए। जिनमें से किसी भी अपराधी के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई नहीं हुई। मात्र एक माफिया के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और 20 के खिलाफ गुंडाएक्ट की कार्रवाई हुई है। दो माफियाओं के शस्त्र लाइंसेंस निरस्तीकरण जबकि 23 की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। दो माफिया फरार है, जबकि 68 माफिया जमानत पर हैं। एडीजी ने इनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की आवश्यकता बताई है।

टॉप-10 अपराधियाें के विरुद्ध कार्रवाई : जिले में 344 टॉप-10 अपराधी चिन्हित हैं। जिनमें से 69 की हिस्ट्रीशीट खोली गई। किसी पर एनएसए की कार्रवाई नहीं हुई। मात्र एक अपराधी के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई। इसके अलावा मात्र 60,29,731 रुपये की संपत्ति जब्त की गई। किसी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त नहीं किया गया। चिन्हित अपराधियों में एक अपराधी फरार चल रहा है।

गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई : जिले में मात्र सात मुकदमे दर्ज कर 26 अपराधियाें के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई। जिनमें नौ अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। वहीं 14 अभियुक्तों से 5,20,92,856 रुपये की संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई हुई है। एडीएजी ने जिले में अधिक से अधिक अपराधियों को चिन्हित करने और उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई कर संपत्ति जब्त किए जाने की आवश्यकता बताई है।

जोन में जिले का दूसरा, तीसरा स्थान: शासन की ओर से दी गई सौ दिन की कार्ययोजना के कई बिंदुओं में जिले का दूसरा और तीसरा स्थान है। संपत्ति जब्तीकरण से लेकर गैंगस्टर चिन्हित करने और गुंडा एक्ट की कार्रवाई में भी जिला टॉप-5 जिलों में शामिल है।

कार्ययोजना के तहत हुई कार्रवाई पर एक नजर

- 93 माफिया जिले में चिन्हित किए गए

- 01 माफिया के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई

- 20 माफिया के खिलाफ गुंडाएक्ट की कार्रवाई

- 02 माफिया के लाइसेंस किए गए निरस्त

- 23 माफिया की खोली गई हिस्ट्रीशीट

- 344 टॉप-10 अपराधी जिले में चिन्हित

- 69 टॉप-10 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली

- 01 टॉप-10 अपराधी पर गैंगस्टर की कार्रवाई

- 60,29,731 रुपये टॉप-10 अपराधियों की संपत्ति जब्त

- 07 मुकदमे गैंगस्टर एक्ट के किए दर्ज

- 26 अपराधियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई

- 5,20,92,856 रुपये की संपत्ति जब्त की गई

एसएसपी डा. ओपी सिंह ने कहा कि सौ दिन की कार्ययोजना के अनुरूप जिले में कार्रवाई लगातार जारी हैं। अब तक पांच करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। जोन और मंडल में जिले का प्रदर्शन बेहतर है। एडीजी ने समीक्षा के बाद जिन बिंदुओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, उनका पालन कराया जा रहा है। इस संबंध में सभी थानाध्यक्ष और प्रभारी निरीक्षक को निर्देशित कर दिया गया है।

Edited By: Vivek Bajpai