बरेली में ₹15 में बिक रही है 'सांसें'! सरकारी नल उगल रहे गंदगी, मजबूर जनता खरीद रही पानी
बरेली को इंदौर जैसा बनाने की कवायद की जा रही थी। लेकिन, बरेली स्मार्ट सिटी के कुरैश नगर में 6 महीने से नलों में नाली का गंदा पानी आ रहा है। जलकल विभा ...और पढ़ें

नलों से आते दूषित जल को दिखाते लोग
निलेश प्रताप सिंंह, जागरण, बरेली। देश के स्वच्छतम शहर इंदौर की तरह बरेली को भी स्मार्ट सिटी का तमगा दे दिया गया मगर यहां की भी जमीनी हकीकत कागजों पर दिखाए जा रहे दावों से बिल्कुल उलट है। शहर के मध्य में बसे वार्ड-80 रबड़ी टोला के कुरैश नगर मुहल्ले में बीते छह माह से नाले की पानी की सप्लाई की जा रही है।
काला, पीला और बदबूदार पानी पीकर लोग बीमारियाें को निमंत्रण दे रहे। शिकायत के बाद भी नगर निगम का जलकल विभाग मुहल्ले का सर्वे कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर दी, जबकि समस्या अब भी बनी हुई है। रविवार को जागरण टीम मुहल्ले में पहुंची तो स्थानीय लोगों का निगम के प्रति रोष फूट पड़ा।

बताया कि पानी की लाइन बहुत पुराना और जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह से लीकेज है। नालियों के बीच से गुजरी पाइपलाइन में हुई लीकेज को खोज पाने में नगर निगम विफल साबित हो रहा। लाइन दुरुस्त नहीं होने के चलते आमजन को मजबूरी में नालियों से होकर सप्लाई में आ रहे काला पानी पर भी आश्रित होना पड़ रहा है।
300 से अधिक की आबादी प्रभावित, वाटर कूलर से चल रही जिंदगानी
कुरैश नगर मुहल्ले में काला और बदबूदार पानी हर दिन 50 से 60 घराें में आपूर्ति की जा रही है। इस पानी को पीने से कई गंभीर बीमारियों को निमंत्रण देने समान है। इससे बचने के लिए लोग आसपास लगे हैंडपंप, समर्सिबल के साथ दुकानों से वाटर कूलर मंगवाते हैं। प्रति वाटर कूलर के लिए 15 रुपये वहन करना पड़ता है।
शौच लायक भी नहीं निगम की सप्लाई हो रहा पानी
स्थानीय लोगों के अनुसार नगर निगम की ओर से आपूर्ति की जा रही पानी को शौच के लिए भी ठीक नहीं है, लेकिन मजबूरी में शौचालय के साथ कपड़े धाेने के कार्य में इसका उपयोग किया जा रहा है।
नगर निगम का तर्क, नहीं मिल रही लीकेज, बदलेगी लाइन
नगर निगम के जलकल महाप्रबंधक मनोज कुमार आर्य के अनुसार कुरैश नगर में जलकल की टीम ने कई दिन सर्वे किया लेकिन कहीं भी लीकेज नहीं मिल रहा। यहां की लाइन करीब 50 वर्ष पहले पड़ी थी लेकिन कई जगह खोदाई के बाद भी लाइनें दुरुस्त मिली हैं, लेकिन आमजन की समस्या को देखते हुए नई पाइपलाइन का प्रस्ताव मनाया जा रहा है।
घरेलू कनेक्शन में लीकेज के चलते गंदा पानी आपूर्ति की आशंका
शहर में नगर निगम की लाइनों से आमजन को दी गई कनेक्शन की पाइपलाइन कई क्षेत्रों में नाले-नालियों के बीच से निकली हैं। जो कनेक्शन नालियों के बीच से गए हैं कई लाइन गल जाने की आशंका है। इससे जब सप्लाई बंद होती है तो नालियों का पानी कनेक्शन के द्वारा निगम की पाइपलाइन में चला जाता है, इससे जब निगम की सप्लाई शुरु होती तो कुछ समय के लिए गंदा और काला पानी आने लगता है।

जलकल के महाप्रबंधक मनोज कुमार आर्य कहते हैं कि नाले-नालियों के बीच से निकले घरेलू कनेक्शन 15-20 साल पुरानी हो चुकी हैं तो उपभोक्ता स्वयं चेक करें, लीकेज नहीं मिलने नहीं मिलने पर जलकल विभाग को सूचना दें।
इसके लिए जलकल के कंट्रोल रुम नंबर-7055519637 पर सूचना देेने के साथ अवर अभियंता सुमित के सीयूजी नंबर- 7055519610, अवर अभियंता प्रभात कुमार-7055519615, प्रियंका कटियार के सीयूजी-7055519625, सहायक अभियंता अजीत कुमार सिंह के सीयूजी नंबर- 7055519611 और महाप्रबंधक मनोज कुमार आर्य के सीयूजी नंबर- 7055519629 पर तत्काल सूचना दें।
बरेली में हर दिन 146 एमएलडी पानी की हो रही आपूर्ति
शहर में नगर निगम की ओर से प्रतिदिन 146 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) जलापूर्ति की जा रही है। इसे वर्ष-2027 तक 160 एमएलडी करने की योजना है। जलकल विभाग के अनुसार सुबह होने वाली पेयजल आपूर्ति में पानी को अलग-अलग क्षेत्रों से 50 से अधिक नमूने लेकर ओटी टेस्ट करते हैं। जिसमें पेयजल में क्लोरीन से लेकर बैक्टीरिया तक की जांच हो जाती है।

जलकल महाप्रबंधक मनोज आर्य के अनुसार शहर में अधिकतर स्कूल, नर्सिंगहोम, अस्पताल आदि ने अपना समर्सिबल लगा रखा है, जिसके नमूनों की जांच जलनिगम की लैब में की जाती है। शहर में 1.91 लाख पानी के कनेक्शन हैं, जिसमें आठ हजार से अधिक अवैध कनेक्शन हैं।
जिन्हें जोनवार अभियान चलाकर दो हजार की फीस जमा कर रेगुलर कर दिया जाता है। लीकेज को दुरुस्त करने के लिए तीन से आठ इंच तक के पानी की लाइन को देखरेख की जिम्मेदारी एजेंसी को दी गई है। आठ इंच से ऊपर की पाइपलाइन की सप्लाई में लीकेज आदि की जांच जलकल विभाग की ओर से की जाती है।
अमृत 1.0 से एक ओवरहेड टैंक और 4.5 किमी. बिछी थी लाइन
जलकल अधिकारियों के अनुसार अमृत योजना 1.0 के तहत नगर निगम क्षेत्र में शाहजहांपुर रोड स्थित मौलाना आजाद इंटर कालेज के पास एक ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया। साथ ही वनखंडीनाथ, परतापुर और अन्य मुहल्लों में कुल 4.5 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाया गया।

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