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अंडरपास या सर्विस लेन? जानें झुमका तिराहे पर एनए कट बंद होने के बाद क्या हैं समाधान के विकल्प

Published: Fri, 26 Dec 2025 11:06 PM (GMT+05:30)

दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर झुमका तिराहे पर एनए कट बंद होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। वाहन चालक गलत ...और पढ़ें

झुमका चौराहा

झुमका चौराहा

HighLights

  1. समस्या का स्थायी निदान के लिए अंडरपास, शंखा पुल तक सर्वेस लेन बनाने का सुझाव

जागरण संवाददाता, बरेली। दिल्ली-लखनऊ हाईवे के झुमका तिराहे पर बंद हुए एनए कट से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इससे वाहन चालक रास्ता भटक कर आगे निकल जा रहे हैं। दूसरे लोग रांग साइड वाहन चला रहे हैं। परिवहन विभाग ने आवागमन सुगम बनाने के लिए सर्वे कराकर तीन विकल्प सुझाए हैं।

दीर्घकालीन व्यवस्था के तौर पर अंडरपास बनाने, दूसरा झुमका से शंखा पुल तक सर्विस लेन और तीसरा अतिरिक्त वन वे मार्ग निर्माण का सुझाव शामिल है। झुमका तिराहे से वाहन मुरादाबाद दिल्ली की तरफ से बड़ा बाइपास होते हुए शाहजहांपुर, लखनऊ की तरफ निकल जाते हैं। इसी मार्ग से उनकी वापसी भी होती है।

तिराहे से ही बरेली शहर में आने के लिए एनए कट बना हुआ था। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, मुरादाबाद ने इस कट को बंद करवा दिया है। कट चालू होने पर शहर के लोग इसी मार्ग से हाईवे पर चढ़ जाते थे और हाईवे से उतरकर शहर में आ जाते थे। कट बंद हो जाने से अब वाहन चालक रांग साइड से हाईवे पर चढ़ने और उतरने लगे हैं।

इससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। परिवहन विभाग ने चेकिंग अभियान के दौरान समस्या देखकर सर्वे कराया है। यात्री, मालकर अधिकारी रमेश चंद्र प्रजापति ने अपनी टीम के साथ मौका मुआयना किया। उन्होंने विभाग की ओर से सुझाव तैयार किया है। समस्या का निदान कराने के लिए तीन सुझाव दिए गए हैं।

पहला दीर्घकालिक सुझाव यह है कि यहां अंडरपास का निर्माण कराया जाए ताकि वाहन चालकों को हो रही परेशानी का स्थायी निदान हो जाए। यहां रेलवे की जमीन भी उपलब्ध बताई गई है।दूसरा सुझाव यह दिया गया है कि शंखा पुल तक सर्विस लेन बनवा दी जाए ताकि वाहनों का आवागमन सुगम हो जाए।

तीसरा विकल्प वन वे रोड बनवाने का दिया गया है, ताकि वाहन आसानी से हाईवे पर चढ़ और उतर सकें। यात्री कर अधिकारी ने बताया कि मौके पर जाकर सर्वे करने पर यही तीन सर्वोत्तम विकल्प दिखाई दिए। जिला प्रशासन को सुझाव पत्र दिया जाएगा, ताकि सड़क सुरक्षा समिति में इस पर विचार कर निर्णय लिया जा सके।

 

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