33 करोड़ का ट्रांजेक्शन, 12 फर्जी फर्में: बरेली पुलिस ने ऐसे ध्वस्त किया हवाला का बड़ा नेटवर्क
बरेली पुलिस ने बोगस फर्मों के जरिए हवाला कारोबार करने वाले शाहिद और अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। ये लोगों के नाम पर बैंक खाते और फर्जी फर्म खोलकर ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में आरोपित
जागरण संवाददाता, बरेली। बोगस फर्म के सहारे हवाला की रकम को ठिकाने लगाने वाले शाहिद और अमित गुप्ता को भुता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपित लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम से बैंक खाता खुलवाकर फर्म खुलवाते। फिर मेंथा का कारोबार दिखाकर हवाला की रकम को अलग-अलग खातों में भेजते थे। किसी को शक न हो इसलिए फर्जी ई-बिल भी तैयार करते थे।
इन्हीं दोनों आरोपितों ने केसरपुर निवासी शब्बू के दो बैंक खाते खुलवाए और उनमें करीब 33 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया। उस रुपये का सोर्स क्या है? आरोपित इस बात को नहीं बता पाए। इसके अलावा अभी तक 12 और फर्जी फर्म पुलिस के सामने आ चुकी हैं। जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस की पूछताछ में गिरोह के सरगना नीटू गुप्ता का नाम सामने आया है।
डेढ़ करोड़ का आया नोटिस
भुता के केसरपुर निवासी शाहिद और बारादरी के कांकर टोला निवासी अमित गुप्ता लोगों को दिखाने के लिए आटा चक्की चलाने का काम करते हैं। दोनों ही आरोपित शाहजहांपुर के जलालाबाद निवासी नीटू गुप्ता नाम के व्यक्ति के लिए काम करते हैं। इस पूरे गिरोह का सरगना नीटू ही है। उसी के कहने पर दोनों आरोपित काम करते हैं।
पिछले दिनों केसरपुर के ही शब्बू ने पुलिस से शिकायत की थी कि, उनके नाम से शाहिद और अमित ने बैंक खाते खुलवाकर अवैध रूप से करोड़ों का लेनदेन किया है इस बात की जानकारी उन्हें तब हुई जब इनकम टैक्स से उनके पास डेढ़ करोड़ रुपये जमा करने का नोटिस आया। मामले में पुलिस ने जांच की तो पता चला कि शब्बू भी शाहिद के गांव केसरपुर का निवासी है और वह जरी का काम करता है।
दो बैंकों में खुलवाए खाते
शाहिद और अमित ने शब्बू को झांसा दिया कि, वह उनके काम को और भी बड़ा करा देंगे। जिससे इंटरनेशनल बाजार में उसकी पहचान बन जाएगी। झांसे के बाद उन्होंने शब्बू के दो बैंक खाते एचडीएफसी और पंजाब सिंध बैंक में खुलवाए। एचडीएफसी में करंट खाता और पंजाब सिंध में सेविंग अकाउंट खुलवाया गया। इसके बाद इन्हीं खातों के नाम से सत्य साहब ट्रेडर्स नाम से मेंथा का काम करने वाली एक फर्म खोली गई और इन बैंक खातों में करीब 33 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया।
एचडीएफसी के बैंक खाते में करीब 23.65 करोड़ और पंजाब सिंध में करीब 10 करोड़ के आस-पास का ट्रांजेक्शन पुलिस को मिला है। पुलिस ने जब दोनों से इन ट्रांजेक्शन के बारे में पूछताछ की तो यह नहीं बता पाए कि वह रुपये इनके पास कहां से आया इसका सोर्स क्या है इसकी कोई जानकारी उनके पास नहीं थी।
जो बिल बनाए उनमें भी कई अनियमितताएं
पुलिस ने आरोपितों के पास से कई फर्जी इनवायस आदि बरामद किए। उनकी जांच की तो पता चला कि उनमें कई अनियमितताएं हैं। एक बिल में आरोपितों ने 12 ड्रम मेंथा आयल की बिक्री 31 लाख दिखाई, जबकि दूसरे बिल में 19 ड्रम आयल की बिक्री 47 लाख दिखाई।
हद तो तब हुई जब एक बिल 65 लाख रुपये का बनाया जिसमें यह बताया ही नहीं कि उसमें कितने ड्रम मेंथा आयल बिक्री किया गया। इससे भी पुलिस को शक हुआ और हवाला की दिशा में काम शुरू कर दिया। पुलिस का कहना हैं कि अभी और भी जांच जारी है।
अलग जिलों में पंजीकृत दिखाई गई फर्म
गिरोह ने जितनी भी फर्म खुलवाई हैं उनमें से पुलिस के सामने अभी तक 12 फर्म आ चुकी हैं। इसमें से चार फर्म सत्य साहब ट्रेडर्स जो कि बिथरी चैनपुर में खोली गई। इसका प्रोपराइटर शब्बू को बनाया। दूसरी फर्म महाकाल ट्रेडर्स के नाम से शाहजहांपुर तिलहर मेुं खोली गई। इसका प्रोपराइटर विजय नाम के व्यक्ति को बनाया, फरीदपुर में परेड़ा रोड पर सुमति ट्रेडर्स के नाम से खोली गई इसका प्रोपराइटर सुमित को बनाया गया।
विजय और सुमित दोनों ही अमित के चचेरा भाई है। इसके अलावा एक फर्म बदायूं के दातागंज में महावीर ट्रेडर्स के नाम से खोली गई जिसका प्रोपराइटर खुद अमित ही बना है। इसी तरह से अभी तक कुल 12 फर्मों के बारे में पुलिस को जानकारी मिल चुकी है मगर भौतिक सत्यापन में यह फर्म कहीं हैं ही नहीं।
अभी और भी लोगों के खुलेंगे नाम
पुलिस का कहना हैं कि, इस मामले में अभी जांच पूरी नहीं हुई है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी वैसे-वैसे अन्य लोगों के नाम भी सामने आएंगे। इसके अलावा अन्य जिन लोगों के नाम पर आरोपितों ने खाते खुलवाएं होंगे पुलिस उनसे भी बातचीत कर आगे की कार्रवाई करेगी।
शब्बू नाम के व्यक्ति ने थाने पर शिकायत की थी कि शाहिद और अमित ने उनके नाम से बैंक खाता खुलवाकर उसमें करोड़ों रुपये का लेनदेन किया है। जब मामले की जांच की गई तो एक साल में करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन सामने आया, लेकिन यह इनकम का सोर्स आरोपित नहीं बता पाए। ऐसे में आशंका है कि यह रुपया हवाला का हो सकता है आगे की पूरी जांच की जा रही है।
- अंशिका वर्मा, एसपी साउथ।
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