जेल की सलाखों के पीछे रची गई कत्ल की साजिश: एक पुराने दोस्त ने बिगाड़ा अनीस सकलैनी का खेल!
पार्षद अनीस सकलैनी ने जेल में पूर्व पार्षद मोहम्मद फिरदौस की हत्या की साजिश रची। उनकी पत्नी यासमीन ने शूटर फुरकान को पांच लाख की सुपारी दी। फुरकान ने ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में आरोपित
जागरण संवाददाता, बरेली। उपद्रव के आरोपित पार्षद अनीस सकलैनी व अन्य लोगों ने उपद्रव के गवाह पूर्व पार्षद मुहम्मद फिरदौस की हत्या की पांच लाख सुपारी दी। पुलिस ने सुपारी लेने वाले शूटर फुरकान को गिरफ्तार किया तो उसने पूरी कहानी स्वीकार कर ली। आरोपित ने बताया कि यह सुपारी अनीस सकलैनी के कहने पर उनकी पत्नी यासमीन ने उन्हें दी थी।
शुरूआत में 20 हजार रुपये दिए, बाकी के काम होने पर देने की बात हुई थी। आरोपित ने यह भी बताया कि अनीस से उसकी मुलाकात जब वह पीलीभीत जेल में बंद था तब हुई थी। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया और हत्या के इस षड्यंत्र में शामिल अनीस की पत्नी, बेटे व अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
शूटर फुरकान ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2018 में वह पीलीभीत की जेल में था। उसी दौरान जेल में दुष्कर्म के मामले में अनीस सकलैनी, फैजुलनवी और नदीम भी आए थे। तभी उसकी मुलाकात उनसे हुई थी। फुरकान मूल रूप से बीसलपुर के ग्यासपुर गांव का निवासी है, लेकिन पीलीभीत जेल से जमानत पर बाहर आया तो हाफिजगंज से एक गाेकुशी के मामले में जेल चला गया था।
वहां से छूटने के बाद वह दोबारा पीलीभीत नहीं गया और नकटिया में एक कमरा किराए पर लेकर रहने लगा। परिवार के गुजर बसर के लिए मारिया फ्रोजन मीट फैक्ट्री के पास चाय की दुकान चलाने लगा। आरोपित ने बताया कि 22 दिसंबर को उनकी दुकान पर अनीस की पत्नी यासमीन और नदीम की पत्नी आई थी।
यासमीन ने फुरकान से कहा कि वह अनीस से मुलाकात करने जेल गई थी। वहां अनीस ने बताया कि उन्हें पूर्व पार्षद मुहम्मद फिरदौस उर्फ अंजुम परेशान कर रहा है। उसकी वजह से उसकी जमानत नहीं हो पा रही है। अनीस ने जेल में ही अपनी पत्नी के साथ फिरदौस की हत्या का षड्यंत्र रचा और फुरकान से मुलाकात की बात कही थी।
अनीस की पत्नी ने फुरकान को पांच लाख रुपये सुपारी देने की बात कही। कहा कि, सबसे पहले 20 हजार रुपये, जिस दिन हत्या की जाएगी उस दिन दो लाख और हत्या के ठीक अगले दिन तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। यासमीन ने दुकान पर मुलाकात के दौरान ही फुरकान को 20 हजार रुपये दे दिए थे। वह रुपये फुरकान ने अपने किराए के घर में बेड के अंदर छिपा दिए थे।
कैसे खुली कहानी...और क्या थी योजना
पुलिस के मुताबिक, फुरकान जब गोकुशी के मामले में बरेली जेल में बंद था तो उसकी मुलाकात हजियापुर निवासी एक व्यक्ति से हुई थी। वह भी एक मामले में जेल गया था। जेल में दोनों की गहरी मित्रता हो गई थी। फुरकान ने घटनाक्रम को अंजाम देने के लिए फिरदौस को शहर से बहार बुलाने की योजना बनाई।
इसके लिए वह अपने उसी मित्र से मिलने हजियापुर गया जिससे जेल में उसकी मुलाकात हुई थी मगर जब उसने अपने हजियापुर निवासी मित्र से फिरदौस को शहर से बाहर लाने को कहा तो उसने कहा कि फिरदौस उसके भी परिचित हैं इसलिए वह उनकी हत्या में शामिल नहीं हो सकते। यह बात फुरकान के मित्र ने फिरदौस को बताई तो पूरी कहानी का राजफाश हुआ।
क्या था पूरा मामला समझिए
चक महमूद निवासी फिरदौस ने प्राथमिकी लिखाई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि शहर में हुए उपद्रव के मामले में उन्होंने लोगों को शांत कराया और पुलिस प्रशासन का सहयोग किया था। आरोप था कि मौलाना तौकीर रजा के करीब व उनके पड़ोसी अनीस सकलैनी और उसके साथी उनसे रंजिश मानने लगा। उन्हें शक था कि फिरदौस ने ही सभी आरोपितों की पहचान पुलिस को कराई है।
आरोप लगाया कि, 18 दिसंबर को अनीस का बेटा अदनान व उसके साथी साजिद सकलैनी, नदीम खां, बबलू खां, मोबिन कुरैशी, नईम कुरैशी, फैजान कुरैशी और फुरकान उसे मिले थे। धमकाया कि उन्हीं की वजह से अनीस सकलैनी और फजुलनवी अभी तक जेल में है और जमानत नहीं हो सकी है।
धमकी यह भी दी कि दो दिनों के भीतर या तो 10 लाख रुपये दें नहीं तो अंजाम बुरा होगा। फिरदौस का कहना था कि 26 दिसंबर को उनके पास उनका एक परिचित व्यक्ति आया और उन्होंने बताया कि अनीस सकलैनी ने पांच लाख रुपये में उनकी सुपारी पीलीभीत निवासी फुरकान को दी है।
यह वहीं व्यक्ति था जिससे बरेली जेल में फुरकान की भी मुलाकात हुई और उसी की मदद से वह फिरदौस को शहर से बाहर बुलाना चाहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगी तो उन्होंने बारादरी थाने में अदनान, साजिद सकलैनी, नदीम खां, बबलू खां, मोबीन कुरैशी, नईम कुरैशी उर्फ लाली, यासमीन और फुरकान के विरुद्ध प्राथमिकी लिखी थी।
अनीस सकलैनी ने जिस फुरकान को फिरदौस की हत्या की सुपारी दी थी उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने सुपारी लेने की बात स्वीकार ली है। इस मामले में जितने भी अन्य आरोपित हैं उनकी भी तलाश जारी है। जल्द ही सभी को जेल भेजा जाएगा।
- अकमल खान, एसपी ट्रैफिक
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