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    उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बंदूक की नोक पर होती है फसल कटाई

    By amal chowdhuryEdited By:
    Updated: Sun, 09 Apr 2017 11:35 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच लगभग सात दशक से चल रहे इस विवाद का हल आज तक नहीं निकल सका है। ...और पढ़ें

    उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बंदूक की नोक पर होती है फसल कटाई

    बलिया (सुधीर तिवारी)। उत्तर-प्रदेश व बिहार सीमा पर फसल कटाई को लेकर हांसनगर दियारे में हर साल बंदूकें गरजती हैं। फसल कटाई का सीजन शुरू होने से खेतों को लेकर यूपी के किसानों की चिंता बढ़ गई है। बिहार के दबंग किसान हर साल इसको लेकर सीमा पर विवाद खड़ा कर देते हैं। लगभग सात दशक से चल रहे इस विवाद का हल आज तक नहीं निकल सका है।

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    26642 वर्ग मीटर में फैले गंगराबर भूमि पर प्रत्येक वर्ष खेत की जोताई, बोआई, फसल कटाई के समय प्रदेश के किसान व बिहार के दबंगों के बीच खूनी संघर्ष की घटनाएं होती रही हैं। प्रत्येक वर्ष फसल कटाई व बोआई के समय शासन को पीएसी व पुलिस, मजिस्ट्रेट, लेखपाल, कानूनगो की तैनाती करनी पड़ती है। इसके बाद यहां के किसान खेत की बोआई, फसल कटाई व मड़ाई कर पाते हैं। प्रदेश का सबसे चर्चित हांसनगर दियारा क्षेत्र 4200 एकड़ भू-भाग पर फैला हुआ है। इसमें एक हजार एकड़ पर विवाद अभी भी कायम है। दियारा क्षेत्र में भू-स्वामी खातेदार प्रदेश के हांसनगर व सपही बिहार के सह खातेदार हैं।

    इसके बावजूद प्रत्येक वर्ष बोआई व कटाई के समय दोनों तरफ से बंदूकें तन जाती हैं। वर्ष 2003 में तीन अक्टूबर को पीएसी की मौजूदगी में बिहार के दबंगों ने प्रदेश के एक किसान की हत्या कर दी थी। वहीं चार अक्टूबर 2004 को भी सपही के एक किसान की हत्या कर दी गई थी। हालांकि 1972 में केंद्र सरकार की ओर से सीएल चतुर्वेदी की अध्यक्षता में सीमा विवाद के स्थाई हल के लिए कमेटी का गठन किया गया। आयोग ने लंबे विचार-विमर्श के बाद सीमांकन करते हुए पिलर व पत्थर भी लगा दिया था, लेकिन बिहार के दबंगों ने पिलर तोड़कर दोबारा विवाद पैदा कर दिया। इस कारण आज भी बिहार के दबंगों का कहर प्रत्येक वर्ष जारी रहता है।

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    पुलिस अधीक्षक राम प्रताप सिंह के मुताबिक किसानों की फसल कटाई के समय सुरक्षा पुलिस के लिए सर्वोपरि है। हम बराबर सतर्कता बनाए हुए हैं। संबंधित थाना को किसानों के हमेशा संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है। फसल कटाई के समय पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रहेगी। हम बराबर सतर्कता बनाए हुए हैं। संबंधित थाना को किसानों के हमेशा संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है। फसल कटाई के समय पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रहेगी।

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