बदायूं में अपराध का 'नेटवर्क': एक साल में 14 नए गैंग रजिस्टर्ड, गोतस्करों की सबसे अधिक सक्रियता
बदायूं पुलिस ने इस साल 14 नए आपराधिक गैंग रजिस्टर किए हैं, जिससे जिले में कुल गैंगों की संख्या 194 हो गई है। इनमें सर्वाधिक 86 गैंग गोतस्करों के और 27 ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बदायूं। जिले में बीते साल 2025 में आपराधिक घटनाओं का ग्राफ काफी बढ़ा। इस पूरे साल पुलिस अपराधियों को पकड़ने के काम पर लगी रही। नतीजतन पुलिस ने कई बदमाशों से मुठभेड़ की और उन्हें जेल भेजने के बाद उन पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की। इस पूरे साल जिले की पुलिस ने 14 नए गैंग रजिस्टर किए हैं। जिसके चलते अब जिले में गैंग की संख्या 194 हो गई है।
इसमें सबसे अधिक गैंग गोतस्करों के रजिस्टर्ड किए गए हैं। अब जिले में 86 गोतस्करों के गैंग है। इनमें से कई जेल में हैं। जिले में अपराधियों पर लगाम लगाने को पुलिस हर साल अपराधियों के नए गैंग बनाती है। इस बार भी पुलिस ने 13 नए गैंग बनाए हैं। जबकि पिछले साल 2024 में पुलिस ने 12 और 2023 में सबसे अधिक 49 गैंग बनाए थे। इससे पहले 2022 में पुलिस ने 29 गैंग रजिस्टर किए थे।
वर्ष 2023 में एसएसपी रहे डा. ओपी सिंह ने लगभग हर उस गैंग को शामिल किया, जिसने लूट, हत्या, डकैती, चोरी, नकबजनी, गोकशी की घटना में शामिल थे। इस वर्ष 2025 में भी अपराध उसी तरह से हुआ, लेकिन गैंग उतने रजिस्टर्ड नहीं हो सके। इस वर्ष लूट, चोरी, गोकशी, हत्या समेत कई घटनाएं हुईं, लेकिन इन सभी पर गैंगस्टर की कार्रवाई नहीं हुई।
कुंवरगांव पुलिस ने लगाई गैंगस्टर
हाल ही में कुंवरगांव पुलिस ने गोकशी के एक मामले में गैंगस्टर की कार्रवाई की है। इसमें पुलिस ने पांच आरोपितों का गैंग बनाया है। जबकि कुछ आरोपित अब तक फरार है। इस कार्रवाई में उनके नाम भी जुड़ जाएंगे। इसके अलावा कुछ अन्य गैंग भी है। जिन्हे जल्द रजिस्टर कर पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई करेगी।
रिगालिया कालोनी में लूट करने वालों पर भी लगेगी गैंगस्टर
20 दिसंबर को शहर की रिगालिया गार्डन कालोनी में सहायक परियोजना निदेशक प्रीति वर्मा के आवास पर उन्हें बंधक बनाकर हुई लूट के मामले के भी सभी आरोपितों को पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इन सभी बदमाशों पर भी चार्जशीट होने के बाद गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में सक्रिय अपराधियों का गैंग बनाकर उन्हें रजिस्टर्ड किया जा रहा है। इस साल 14 गैंग रजिस्टर्ड किए गए हैं। इनकी कुल संख्या अब 194 हो गई है। इन सभी पर नजर रखी जा रही है। जो जेल में है, उनसे मिलने वालों की जानकारी की जा रही है। वहीं जो बाहर है, उनकी निगरानी और गतिविधियों की जांच की जा रही है।
- डा. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी
यह भी पढ़ें- शव के सौदेबाज! बरेली के अस्पताल ने इकलौते बेटे की लाश को बनाया बंधक, पिता ने मांगी दर-दर भीख

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।