आजमगढ़ में स्कूली बस और डंपर की भिड़ंत, चालक-खलासी सहित 15 बच्चे घायल
आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर गंभीरपुर क्षेत्र में स्कूली बस और डंपर की टक्कर में ड्राइवर खलासी और 15 छात्र घायल हो गए। ठाकुर विद्या मंदिर ग्लोबल स्कूल के बच्चों को संयुक्त चिकित्सालय लालगंज में भर्ती कराया गया है। तीन छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं लेकिन सभी खतरे से बाहर हैं।

जागरण संवाददाता, आजमगढ़। आजमगढ-वाराणसी मार्ग पर गंभीरपुर थाना क्षेत्र के श्रीरामगंज बाजार के समीप स्कूल बस और डम्पर की टक्कर हो गई। इस हादसे में डाइवर व खलासी सहित ठाकुर विद्या मन्दिर ग्लोबल स्कूल कैथीशंकरपुर लालगंज के 15 छात्र-छात्राएं घायल हो गईं।
हादसे के बाद सभी का सौ सैय्या संयूक्त चिकित्सालय लालगंज में इलाज चल रहा है। डाक्टरों के अनुसार तीन छात्रों के पैर में गहरी चोटें हैं। हालांकि सबकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। हादसे की जानकारी होते ही बच्चों के स्वजन घटना स्थल व अस्पताल पर पहुंच गए। वहीं अस्पताल में बच्चों के पहुंचने से अचानक अभिभावकों के आने की वजह से गहमा गहमी भी शुरू हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन घटना स्थल और अस्पताल पहुंच गए। घायलों की देखभाल के लिए अस्पताल में परिजनों की भीड़ लग गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह दुर्घटना उस समय हुई जब स्कूल बस तेज गति से जा रही थी और डम्पर अचानक सामने आ गया।
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इस घटना ने क्षेत्र में रूकूली बसों के सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल बसों की सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क पर यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
घटना के बाद, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इस दुर्घटना ने स्कूल प्रशासन को भी चिंतित कर दिया है। स्कूल के प्रबंधन ने कहा है कि वे इस घटना की गंभीरता को समझते हैं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।
अभिभावकों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और कहा है कि वे इस मामले में उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चे सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं इसका प्रयास हो। इस प्रकार, यह घटना न केवल बच्चों के लिए एक दुखद अनुभव है, बल्कि अभिभावकों के लिए बच्चों की सुरक्षा के प्रति एक चेतावनी भी है।
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