आतंकी बेटे सईदुल को देखते ही मारे थप्पड़, फिर रो पड़ीं मां; जालंधर ब्लास्ट में पकड़ा है अमरोहा का युवक
Amroha News आतंक के रास्ते पर चलने वाले बेटे सईदुल से जेल में मुलाकात के दौरान मां अमीना ने गुस्से में उसे थप्पड़ जड़ दिए। ममता और परवरिश में कमी को कोसते हुए अमीना ने सईदुल को कड़ी सजा देने की मांग की। इस भावुक मुलाकात में मां के आंसू भी छलक पड़े। कहा-बेटे ने पंजाब के सिद्दू का नाम बताया उसके कहने पर दिया वारदात को अंजाम
आसिफ अली l जागरण अमरोहा। एक तरफ मां और बेटे की सलामती की चिंता में बैठा जा रहा उसका दिल ! दूसरी तरफ... सलाखों में कैद ‘कलेजे का वो टुकड़ा’ जो कहने को अपना खून नहीं है। बचपन में गोद लिया था लेकिन, लाड़-दुलार हमेशा अपने से बढ़कर दिया। फिर भी न जाने कहां कसर रह गई...? जिस बेटे सईदुल को नाजों से पाला, नेक इंसान बनने की तालीम दी, मुल्क से प्यार करना सिखाया, वह अपराध की अंधी गलियों में खोता चला गया।
उसके कदम यहीं नहीं रुके, कानून से खिलाफत करते-करते वह देश के दुश्मनों तक से जा मिला। आतंक की राह पकड़ ली। यही वजह है, सोमवार को जब जालंधर में सईदुल और मां अमीना का आमना-सामना हुआ तो गुस्से से भरी अमीना ने पहले अपनी ममता को कोसा, परवरिश में रह गई कमी को लानत-मलानत की, फिर एक के बाद एक सईदुल के तीन थप्पड़ जड़ दिए। यह कहते हुए कि देश से गद्दारी में तुझे शर्म नहीं आई...। चूंकि, मां तो मां ठहरी।
दोषी मिले तो कड़ी सजा मिले
पिटाई से सुर्ख हो चुके बेटे के गालों पर जब अमीना की नजर पड़ी तो दिल भर आया। आंसू झरने लगे मगर पुलिस से दो टूक कह दिया-सईदुल दोषी मिले तो कड़ी से कड़ी सजा मिले...! कोई नरमी न बरतें। जालंधर पुलिस ने 12 अप्रैल को सईदुल को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। जेल के सीखचों के पीछे जाने के बाद बेटे से अमीना ने सोमवार को जालंधर में पहली बार मुलाकात की थी। दोनों के बीच करीब 10 मिनट बात हुई। वहां से लौटीं अमीना ने अमरोहा आकर अपनी व्यथा को बयां किया।
पति की हो चुकी है मौत
पति सईद अनवर की तीन साल पहले बीमारी से मत्यु होने के बाद अमीना का इकलौता बेटा सईदुल ही सहारा है। खुद को कोई संतान न होने के कारण सईदुल को करीब 20 साल पहले गोद लिया था। दंपती ने बेटे को लाड़-प्यार से पाला। सईदुल की पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं थी। वह कक्षा चार तक ही पढ़ सका। 2019 में बेल्डिंग का काम करने के लिए शादीपुर (दिल्ली) चला गया। मां यह सोचती थी कि बेटा पसीना बहाकर उसके दो वक्त की रोटी का इंतजाम करता है।
सपने में भी नहीं सोचा था, बेटा आतंक की राह पर चलेगा
आतंक की पढ़ाई करने के बारे में उसे सपने में भी उम्मीद नहीं थी। 11 अप्रैल को सईदुल मां से मिलकर गया था। उस समय मां को यह उम्मीद नहीं थी कि अगले दिन ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। जालंधर पुलिस ने सोमवार को अमीना को बेटे से मिलने के लिए बुलाया था। सोमवार को वह अपने भाई के साथ जालंधर पहुंची थीं। दोपहर लगभग एक बजे अमीना को सईदुल से मुलाकात हुई।
सिद्दू नाम के व्यक्ति की दी जानकारी
मंगलवार को घर लौटी अमीना ने बताया कि उन्होंने सईदुल के सामने आते ही उसे तीन थप्पड़ मारे और फिर खुद को रोने से नहीं रोक सकी। मैंने जब उससे पूछा कि ऐसा क्यों किया तो उसने बताया वह पंजाब के किसी सिद्धू नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया था। उसके बाद कई अन्य युवक उसके संपर्क में थे। इसके अलावा सईदुल ने कुछ नहीं बताया। बस उसने घर के बारे में पूछा। इसी दौरान पुलिस ने दोनों को अलग कर दिया। घर लौटकर अमीना बदहवास की स्थिति में है। उसे अपने बुढापे की चिंता है ही, बेटे की भविष्य को लेकर भी वह परेशान हैं।
सईदुल मां के बैंक खाते से करता था लेनदेन
आतकी सईदुल कक्षा चार तक ही पढ़ा है, लेकिन शातिर है। उसने अपना बैंक खाता नहीं खुलवाया है। वह मां अमीना के खाते में लेनदेन करता है। जनसेवा केंद्र के माध्यम से रुपये निकालता था। 2022 से उस खाते में एक बार साढ़े तीन लाख रुपये आए थे। उसके अलावा कभी 50 तो कभी 80 हजार रुपये जमा कराए गए। जमा कराने वाला कोई लव्यांश नाम का व्यक्ति है।
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अमीना के खाते सीज
फिलहाल अमीना के खाते को सीज कर दिया है। साथ ही जालंधर पुलिस ने अमीना से बैंक की पासबुक भी ले ली है। इधर, सईदुल की गिरफ्तारी के बाद अमरोहा पर एक बार फिर खुफिया एजेंसियों की नजरें लग गई है। एटीएस ने अमरोहा में डेरा जमा लिया है। न सिर्फ सईदुल बल्कि उसके स्थानीय साथियों के बारे में भी जानकारी की जा रही है।
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