सावधान! आपके घर के हैंडपंप में पानी नहीं, 'केमिकल' आ रहा है; रिपोर्ट दबाए बैठा है प्रशासन
गजरौला के बसैली, शहबाजपुर डोर और नाईपुरा में 10 हजार से अधिक लोग प्रदूषित पानी से जूझ रहे हैं, जो इंदौर जैसी स्थिति पैदा कर रहा है। औद्योगिक कचरे के क ...और पढ़ें

नल से निकलता प्रदूषित पानी
जागरण संवाददाता, अमरोहा। मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रदूषित जल से हुई 14 से अधिक लोगों की मौत ने देशभर में चिंता का विषय बना दिया है। इसी प्रकार की स्थिति उत्तर प्रदेश के गजरौला में भी देखने को मिल रही है, जहां प्रदूषित जल के कारण दो गांवों और एक कस्बे के मुहल्ले की लगभग 10 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है।
यहां हैंडपंप से निकलने वाला पानी पीला और दुर्गंधयुक्त है। दैनिक जागरण द्वारा इस मुद्दे को उठाने के बाद जिला प्रशासन ने गांव में टीम भेजकर पानी और मिट्टी के नमूने लिए थे, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं आई है, जिससे ग्रामीणों को राहत नहीं मिल रही है। गजरौला के बसैली, शहबाजपुर डोर और मुहल्ला नाईपुरा के निवासी प्रदूषित जल की समस्या से जूझ रहे हैं।
पिछले चार वर्षों से यहां के नलों से प्रदूषित पानी आ रहा है, जिसे ग्रामीण अपनी दैनिक जरूरतों के लिए उपयोग करने को मजबूर हैं। इस पानी के सेवन से न केवल लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि मवेशी भी बीमार हो रहे हैं। इसके अलावा खेतों की उर्वरक शक्ति भी घट रही है।
ग्रामीणों का मानना है कि स्थानीय औद्योगिक इकाइयों द्वारा भूगर्भ में छोड़े जा रहे केमिकल युक्त पानी के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। 17 दिन पहले दैनिक जागरण द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर प्रशासन की नींद टूटी थी। इसके बाद प्रदूषण विभाग, जल निगम और कृषि विभाग ने बसैली और शहबाजपुर डोर से प्रदूषित जल के 10 तथा मिट्टी के 20 नमूने लिए थे।
लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी नमूनों की रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा मुद्दे को लेकर लगातार धरना दे रही है, जबकि ग्रामीणों को जल प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वे अभी भी इसी प्रदूषित जल का उपयोग कर रहे हैं। इंदौर की घटना के बाद भी स्थानीय प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं गया है।
गजरौला क्षेत्र में पानी के नमूने लेकर जांच को भेजे हैं। अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। हालात पर नजर है। नमूनों की रिपोर्ट मिलने के बाद उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- उमेश शुक्ला, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गजरौला।
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