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    ठंड का कहर: साधारण खांसी-जुकाम बन रहा है निमोनिया, आप न करें ये गलती!

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 10:09 PM (IST)

    अमरोहा के सरकारी अस्पतालों में सर्दी के कारण खांसी-जुकाम के मामले निमोनिया में बदल रहे हैं, जिससे रोजाना 35-40 मरीज सामने आ रहे हैं। मरीजों की लापरवाह ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    जागरण संवाददाता, अमरोहा। सर्दी में भले ही सरकारी अस्पतालों में मरीजों की ओपीडी घटकर आधी रह गई है। मगर खांसी-जुकाम के सबसे अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें खास बात यह है कि मरीजों की लापरवाही के चलते खांसी जुकाम धीरे-धीरे निमोनिया में तब्दील हो रहा है। अस्पतालों में रोजाना 35 से 40 मरीज आ रहे हैं। इसमें मरीजों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट रही है। लिहाजा मरीज खांसी-जुकाम को हल्के में न ले, बल्कि तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।

    जिला अस्पताल समेत समस्त सीएचसी-पीएचसी में पिछले दो माह तक मरीजों की ओपीडी करीब 6500 तक पहुंच गई थी। जिसमें खांसी-जुकाम, उल्टी दस्त, फंगल इंफेक्शन, टाइफाइड, वायरल, डायरिया, टीबी, डेंगू आदि बीमारियों के मरीज आ रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे तापमान गिरता गया वैसे-वैसे सर्दी बढ़ती गई।

    अब दिसंबर माह खत्म होते ही नये साल में कोहरे संग सर्दी और अधिक बढ़ गई है। जिससे सरकारी अस्पतालों में मरीजों की ओपीडी भी घटकर आधी रह गई है। जिला अस्पताल के सीएमएस एके भंडारी ने बताया कि पहले अस्पताल में मरीजों की ओपीडी 2000 के पार पहुंच गई थी लेकिन अब यह घटकर 900 मरीजों तक रह गई है। जिसमें सबसे अधिक खांसी-जुकाम और निमोनिया के मरीज आ रहे हैं।

    शुक्रवार को जागरण टीम ने वार्ड में देखा तो मुहल्ला किशनगढ़ के रमेश कुमार कई दिन से भर्ती थे। उन्होंने बताया कि आठ दिन पहले खांसी-जुकाम हुआ था लेकिन बाद में निमोनिया भी हो गया। तीन दिन से अस्पताल में भर्ती हूं। वहीं दूसरा मरीज दानिशमंदान निवासी सुहैल अहमद भर्ती थे। उन्होंने बताया कि दस दिन पहले खांसी-जुकाम हुआ था। दवा भी ली, लेकिन राहत नहीं मिली।

    चिकित्सकों से पता चला की मुझे निमोनिया हो गया है। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ डा. इकबाल हुसैन ने बताया कि रोजाना मेरे पास पांच से छह बच्चे निमोनिया से पीड़ित आ रहे हैं। जिन्हें पहले खांसी-जुकाम हुआ था, लेकिन अभिभावकों की लापरवाही के चलते सर्दी जुकाम निमोनिया में तब्दील हो गया।

    वहीं नगर सीएचसी के परामर्शदाता डा. मोहम्मद इदरीश ने बताया कि सर्दी में खांसी-जुकाम संग निमोनिया के मरीज आ रहे हैं। इसमें बुजुर्ग से लेकर बच्चे शामिल हैं। इससे बचने के लिए सर्दी से बचे रहे और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। वहीं जिलेभर में चिकित्सक रोजाना 35 से 40 निमोनिया के मरीज निकलने का अनुमान लगा रहे हैं।

    निमोनिया के लक्षण-

    • मरीज के सीने में जकड़ होना।
    • सांस लेने में परेशानी होना।
    • सीने में दर्द की शिकायत होने।
    • खांसी के साथ पीला बलगम आना।
    • थकान व कमजोरी महसूस करना।
    • मरीज को सर्दी के साथ बुखार आना।

    निमोनिया से ऐसे करें बचाव-

    • सर्दी में गर्म कपड़े पहने।
    • सुबह-शाम अपने घर से निकलने में परहेज करे।
    • ठंडे की बजाय गुनगुने पानी का सेवन करें।
    • हर साल फ्लू का टीका लगवाएं।
    • संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखे।
    • अपने हाथ-पांव की नियमित साबुन से सफाई करें।
    • शाम को सोते वक्त अपने घरों के खिड़की-दरवाजे बंद कर दें।
    • खासकर ठंडी चीजें खाने से परहेज करें।
    • बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में चिकित्सक को दिखाएं।


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