Amroha Weather Forecast: अमरोहा में 'कोल्ड टॉर्चर': 8.6 डिग्री पर पहुंचा पारा, जानें अगले 48 घंटे क्यों हैं भारी?
अमरोहा में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, पारा 8.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। शीतलहर और कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग ...और पढ़ें
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घने कोहने के बीच गुजरती गाड़ी
जागरण संवाददाता, अमरोहा। जिले में शनिवार को सर्दी ने लोगों को कंपकंपी का अहसास करा दिया। सुबह से ही सूरज की किरणें आसमान से नदारद रहीं तथा लगातार दूसरे दिन भी सूरज नहीं निकला। शनिवार को पारा भी लुढ़ककर 8.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शीतलहर के साथ ही ठिठुरन भी बढ़ गई तथा लोग परेशान दिखे।
शीतलहर की वजह से बच्चे और बुजुर्ग घरों से बाहर नहीं निकले। हालांकि रात के समय कोहरा अपना असर दिखा रहा है। जिसके चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। कोहरे में दृश्यता कम होने से वाहनों की गति धीमी रही तथा सुबह को भी लाइटें जलाकर हाईवे से वाहन गुजरते रहे।
यूं तो जिले में एक सप्ताह से कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। परंतु तीन दिन से सूरज नहीं निकला है। आसमान में कोहरा व बादल छाया है। शुक्रवार को बूंदाबांदी भी हुई थी। जिसके चलते सर्दी भी बढ़ गई है। यही स्थिति शनिवार को भी रही। शीतलहर से जहां ठिठुरन बढ़ी है तो वहीं न्यूनतम तापमान भी गिर कर 8.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।
लोगों ने अलाव का सहारा लिया। जगह-जगह लोग अलाव जलाकर हाथ सेंकते नजर आए। दफ्तरों में हीटर चलाकर लोगों ने सर्दी से राहत पाने की कोशिश की। वहीं सर्दी का असर बाजार में भी दिख रहा है। खरीदारी करने के लिए लोगों की भीड़ कम ही दिखाई दी। हालांकि इस दौरान शहर व कस्बों में चाय की दुकानों पर बिक्री बढ़ गई।
लोग चाय की चुस्की लेते नजर आए। वहीं शुक्रवार रात लगभग 11 बजे से कोहरा आ गया था। जोकि शनिवार सुबह 9 बजे तक बना रहा। कोहरे के चलते हाईवे व अन्य संपर्क मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। वाहन धीमी गति से चले तथा सुबह तक लाइटें जलाकर गुजरते रहे।
गेहूं, सरसों की फसल के लिए ठंड वरदान
शनिवार को सूरज की किरणें नदारद रहीं, लेकिन यह ठंड किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। गेहूं, सरसों और आलू जैसी फसलें इस मौसम में बेहतर उत्पादन देती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड फसलों को मजबूती देती है और पैदावार बढ़ने की संभावना है।
उम्मीद की किरण
हालांकि सूरज शनिवार को नहीं निकला, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में हल्की धूप देखने को मिल सकती है। इससे ठंड धीरे-धीरे कम होगी और लोगों को राहत मिलेगी।
एक हीटर के भरोसे 10 बेड का रैन बसेरा
कड़ाके की सर्दी में नगर में बने रैन बसेरे की व्यवस्थाएं भी सिकुड़ गई हैं। 10 बैड के रैन बसेरे में गर्माहट के लिए मात्र एक ही हीटर चल रहा है, जबकि दूसरा खराब पड़ा है। वहीं, बेसहारा लोगों के लिए खाने की व्यवस्था भी रात में नहीं हो पा रही है। चरमराई व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने को लेकर पालिका प्रशासन भी लापरवाह बना है। जनवरी की शुरुआत के साथ ही फिलहाल वक्त कड़ाके की सर्दी पड़ रही है।
शीतलहर के साथ रात में गिर रहे पाले की वजह तापमान में रोजाना गिरावट दर्ज की जा रही है। इस बीच रैन बसेरे की व्यवस्था भी धड़ाम साबित हो रही है। 10 बेड के रैन बसेरे में मात्र एक ही हीटर काम कर रहा है। वहीं, इस बाबत पालिका के ईओ ललित कुमार आर्य ने दावा किया कि रैन बसेरे में पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं। अगर कोई कमी है, तो दुरुस्त कराया जाएगा।

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