साबुन की आड़ में 'बारूद' का खेल, पुलिस चौकी के पास चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री, दहला इलाका
ग्राम मलेशिया में साबुन फैक्ट्री की आड़ में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लग गई। हल्के धमाकों से अफरा-तफरी मची, पर कोई हताहत नहीं हुआ। दमकल विभाग ...और पढ़ें

जांच करते अधिकारी
संवाद सहयोगी, जागरण, बछरायूं। ग्राम मलेशिया के निकट साबुन फैक्ट्री की आड़ में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में सोमवार शाम अचानक आग लग गई। आग लगते ही हल्के धमाकों की आवाज से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई व कर्मचारी जान बचाकर भाग खड़े हुए। वेव शुगर मिल व दमकल विभाग की गाड़ियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। गनीमत रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारी ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। फैक्ट्री संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी की जा रही थी। घटना सोमवार की शाम करीब तीन बजे की है। ग्राम मलेशिया में वेव शुगर मिल के यार्ड के पास स्थित एक साबुन फैक्ट्री से अचानक धुआं उठने लगा व कुछ ही देर में हल्के धमाकों की आवाज सुनाई देने लगी।
फैक्ट्री के भीतर काम कर रहे कर्मचारी खतरे को भांपते हुए आनन-फानन में बाहर निकल आए। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही वेव शुगर मिल के कर्मचारी मौके पर पहुंचे व मिल परिसर में खड़ी दमकल गाड़ी को तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया।
दमकल कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग को फैलने से पहले काफी हद तक नियंत्रित कर लिया। इसके बाद गजरौला से भी दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंच गईं व संयुक्त प्रयास से आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। आग लगने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई।
सूचना पाकर पुलिस भी पहुंच गई। उप जिलाधिकारी विभा श्रीवास्तव व पुलिस क्षेत्राधिकारी अंजलि कटारिया ने मौके का मुआयना कर हालात का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री संचालक साबुन निर्माण की आड़ में अवैध रूप से हल्की आवाज वाले पटाखों का निर्माण कर रहा था। इस मामले में आरोपित मोनू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी की जा रही थी।
सर्फ-साबुन के नाम पर पंजीकरण, सिगरेट बम की हो रही थी पैकिंग
ग्राम मलेशिया में स्थित कनिषा सुवी इंडस्ट्री का जीएसटी में पंजीकरण सर्फ-साबुन फैक्ट्री के नाम से है, लेकिन जांच में यहां अवैध रूप से सिगरेट बम की पैकिंग किए जाने की बात सामने आ रही है। सिगरेट बम छोटे बच्चों द्वारा छोड़ी जाने वाली आतिशबाजी होती है, जिसमें सीमित मात्रा में बारूद भरा जाता है।
बताया जा रहा है कि इसी फैक्ट्री में लंबे समय से इन सिगरेट बमों की पैकिंग का काम चल रहा था। गनीमत यह रही कि मौके पर बड़े पटाखे मौजूद नहीं थे, अन्यथा आग लगने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था। प्रशासनिक जांच में फर्म के पंजीकरण और वास्तविक गतिविधियों में भारी अंतर पाया गया है। मामले में संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
मौके पर मिले सिगरेट बम विभाग ने किए नष्ट
ग्राम मलेशिया स्थित फैक्ट्री में आग की घटना के बाद जांच के दौरान बड़ी मात्रा में सिगरेट बम बरामद किए गए। अवैध रूप से पैक किए जा रहे इन सिगरेट बमों को दमकल विभाग ने सुरक्षा मानकों के तहत मौके पर ही नष्ट करा दिया।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सिगरेट बम बच्चों द्वारा उपयोग की जाने वाली आतिशबाजी है, लेकिन इनमें मौजूद बारूद के कारण यह खतरनाक साबित हो सकती है। एहतियात के तौर पर सभी सिगरेट बमों को नष्ट किया गया, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका न रहे।
पुलिस चौकी के पास सालभर से चल रहा था अवैध कारोबार
ग्राम मलेशिया स्थित फैक्ट्री में पिछले करीब एक साल से सिगरेट बम की पैकिंग का अवैध कारोबार चल रहा था। हैरानी की बात यह है कि यह फैक्ट्री मलेशिया पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद लंबे समय तक यह गोरखधंधा बेरोकटोक चलता रहा और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री सर्फ-साबुन के नाम पर पंजीकृत थी, जबकि भीतर अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। आग की घटना के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ है। अब सवाल यह उठ रहे हैं कि पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी के बावजूद यह कारोबार कैसे चलता रहा।
ग्राम मलेशिया में चल रही फर्म जीएसटी विभाग में सर्फ फैक्ट्री के नाम से पंजीकृत है। फैक्ट्री मैं अवैध रूप से सिगरेट बम की पैकिंग कराई जा रही थी। इसका भंडारण भी मिला है। जिसमें आग लग गई थी। इस मामले में आरोपित फर्म संचालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कराई जा रही है।
- विभा श्रीवास्तव एसडीएम मंडी धनौरा।
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