सरकारी सिस्टम का खेल: 3 सीएचसी में एक्सरे मशीनें बंद, टेक्नीशियन सीएमओ ऑफिस में काट रहे चांदी
अमरोहा की तीन सीएचसी (जोया, रहरा, नौगावां सादात) में लंबे समय से एक्स-रे टेक्नीशियन नहीं हैं, जिससे मरीजों को निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। एक स्थ ...और पढ़ें

मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय
जागरण संवाददाता, अमरोहा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोया समेत तीन ब्लाकों के अस्पतालों में लंबे समय से एक्सरे टेक्नीशियन नहीं है। जिससे मरीजों को एक्सरे की सुविधा नहीं मिल रही है और वह मजबूरी में निजी सेंटर पर अपने एक्सरे करा रहे हैं। इसमें हैरत की बात यह है कि स्थाई एक्स-रे टेक्निशियन को नियम विरुद्ध पांच साल से सीएमओ कार्यालय में अटैच कर रखा है और उनसे बाबू का काम लिया जा रहा है। जबकि पहले से ही कार्यालय में स्वीकृत तीन पदों के सापेक्ष सात बाबू तैनात हैं।
दरअसल, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए ब्लाकस्तर पर आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। जिनमें मरीजों की जांच से लेकर उपचार के लिए चिकित्सक संग पैरामेडिकल स्टाफ है। साथ ही इनमें मरीजों को एक्सरे की सुविधा देने के लिए स्थाई कर्मी समेत संविदा पर छह कर्मियों की तैनाती कर रखी है।
इसमें बरेली से 2020 में स्थानांतरण होकर आए डार्क रूम सहायक प्रथम शर्मा को नगर सीएचसी में मरीजों के एक्सरे के लिए तैनात किया गया था। लेकिन तत्कालीन साहब ने उन पर मेहरबान होकर उसे शासनादेश का उल्लंघन कर सीएमओ कार्यालय में संबद्ध कर दिया और उसे पहले उनसे दिव्यांग पटल पर सहायक के रूम में तैनात कर दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाने में लगा दिया। जबकि नगर सीएचसी में संविदा पर दूसरे एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती कर दी।
शासनादेशानुसार किसी भी कर्मी को मूल पद से हटाकर उसकी दूसरी जगह तैनाती नहीं की जा सकती है। इसमें हैरत की बात यह है कि रहरा, जोया और नौगावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई-कई साल से एक्सरे टेक्निशियन नहीं है और वहां के मरीजों को एक्सरे की सुविधा नहीं मिल रही है। वह अपना एक्सरे कराने के लिए इधर उधर भटकते हैं और मजबूरी में निजी सेंटरों पर जाकर अपना एक्सरे करा रहे हैं।
हालात यह कि सीएमओ कार्यालय में नियम विरूद्ध तैनात डार्करूम सहायक प्रथम शर्मा वर्तमान में अब दूसरी पटल पर बाबू का काम कर रहे हैं। जबकि सीएमओ कार्यालय में स्वीकृत तीन बाबूओं के सापेक्ष आठ तैनात हैं। फिलहाल मुख्यालय में बाबूओं का काम एक्सरे टेक्नीशियन कर रहे हैं। जिससे तीन ब्लाक के अस्पतालों में मरीजों को एक्सरे की सुविधा नहीं मिल रही है।
डीएम ने जोया में एक्सरे टेक्नीशियन तैनात करने के दिए थे निर्देश
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने 13 नवंबर को जोया सीएचसी का निरीक्षण कर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया था। जिसमें डिजिटल एक्सरे मशीन होने के बावजूद कक्ष पर ताला लटका मिला था। मरीज एक्सरे कराने के लिए भटक रहे थे।
पूछताछ में पता चला की यहां के एक्सरे टेक्निशियन को भी नियम विरूद्ध हटाकर ढबारसी में तैनात कर दिया है। डीएम ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ को अस्पताल में शीघ्र ही एक्सरे टेक्निशियन को तैनात कर मरीजों को एक्सरे सुविधा देने के निर्देश दिए थे। बावजूद आज तक यह सुविधा शुरू नहीं की गई।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।