सावधान! कहीं आपकी फर्म भी तो इस लिस्ट में नहीं? GST विभाग ने 153 संचालकों को थमाया नोटिस
अमरोहा में मनरेगा व अन्य योजनाओं के तहत काम करने वाली फर्मों पर वाणिज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई। 34 फर्मों का लेखा-जोखा सही पाया गया, जबकि 9 फर्मों ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, अमरोहा। मनरेगा के तहत 576 ग्राम पंचायतों में काम कराने वाली फर्मों की जांच पड़ताल का कार्य वाणिज्य कर विभाग ने शुरू कर दिया है। जांच में करीब 34 फर्मों का लेखा-जोखा सही मिला है और वह जीएसटी भी जमा कर रही हैं। नौ फर्म संचालकों से विभाग ने करीब 45 लाख रुपये की जीएसटी वसूल की है। 153 फर्मों के संचालकों को नोटिस जारी किए हैं और एक माह का समय उनको जीएसटी जमा से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा है। यदि अभिलेख नहीं मिले तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पंचायतों में मनरेगा के अलावा राज्य व 15वें वित्त आयोग के तहत विकास कार्य कराए जाते हैं। इन कामों के लिए सामान की आपूर्ति फर्मों के द्वारा की जाती है। फर्म संचालक भुगतान के दौरान विभाग से जीएसटी लगातार वसूल रहे थे लेकिन, वाणिज्य कर विभाग में जमा नहीं कर रहे थे।
ऐसे कई मामले प्रकाश में आने के बाद सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्र ने सभी फर्मों की जांच कराने का निर्णय लिया था और उनका भुगतान रोकते हुए 196 फर्म की सूची बनाकर वाणिज्य कर विभाग को भेजी थी। सूची के आधार पर विभाग ने फर्मों का ब्योरा खंगालने का काम शुरू कर दिया है। इसमें 34 फर्म बाकायदा विभाग में जीएसटी जमा कर रही हैं। उनका अन्य रिकार्ड भी सही पाया गया है।
नौ फर्म संचालकों ने नोटिस मिलने के बाद विभाग में करीब 45 लाख रुपये जीएसटी जमा कर दी है। इसमें अकेली हाजी ट्रेडर्स हसनपुर ने 29 लाख रुपये जमा किए हैं। इस फर्म की जांच असिस्टेंट कमिश्नर मुरादाबाद अशोक कुमार सिंह ने की थी। इसके अतिरिक्त नितिन ट्रेडर्स ने करीब 3.90, श्री बालाजी ईंट उद्योग ने 1.50 लाख, सर्वश्री सिसौदिया टाइल्स 2.92 लाख रुपये व अन्य धनराशि पांच फर्म ने जमा की है।
जीएसटी में पंजीकरण कराएं पंचायतें, नहीं तो लगेगा 50 हजार का जुर्माना
जनपद में 576 ग्राम पंचायतें हैं। जिनमें विकास के काम विभिन्न विभागों के द्वारा किए जाते हैं। पंचायतें भी खुद काम कराती हैं। अभी तक 430 पंचायतों ने जीएसटी विभाग में अपना पंजीकरण कराया है जबकि, अन्य ने अभी नहीं करवाया है। वाणिज्यकर विभाग ने सभी पंचायतों का जीएसटी में पंजीकरण कराने के लिए कहा है। साथ ही चेताया है कि यदि वह इस वित्तीय वर्ष में पंजीकरण नहीं कराती हैं तो उन पर अगले वित्तीय वर्ष में 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने की कार्रवाई होगी। इसलिए जल्द से जल्द पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें।
नोटिस मिलने पर करीब 45 लाख रुपये कुछ फर्म संचालकों ने जीएसटी के रूप में जमा कर दिए हैं। हाजी ट्रेडर्स हसनपुर फर्म ने 29 लाख रुपये जमा किए हैं। कई फर्म जांच में सही मिली हैं। 153 को नोटिस भेजे गए हैं। जवाब मिलने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा। सभी पंचायतों काे जीएसटी में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। नहीं कराने पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई होगी।
- महेश चंद्र, डीसी वाणिज्यकर विभाग
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