AMU से जमीन छुड़ाने वाले नगर आयुक्त विनोद कुमार का तबादला, आईएएस प्रेम प्रकाश मीणा को सौंपी कमान
IAS Transfer In UP Aligarh News एएमयू से जमीन छुड़ाने वाले नगर आयुक्त विनोद कुमार का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्नाव के मुख्य विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश मीणा को अलीगढ़ का नगरायुक्त बनाया गया है। माना जा रहा है कि वे मंगलवार को संभाल सकते हैं। एएमयू से 4.1 हेक्टयर जमीन को विनोद कुमार ने कब्जा मुक्त कराया था और 27.25 करोड़ रुपये का संपत्ति कर वसूला था।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी (एएमयू) के कब्जे से हाल ही में एक अरब रुपये से अधिक कीमत की 4.1 हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त कराने वाले नगर आयुक्त विनोद कुमार का रविवार को स्थानांतरण हो गया। उनकी जगह उन्नाव से मुख्य विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश मीणा (आइएएस) को भेजा गया है। मंगलवार को उनके चार्ज संभालने की संभावना है। वे हाथरस में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रह चुके हैं। इंटरनेट मीडिया पर उनकी सक्रियता रहती है।
नगर आयुक्त विनोद कुमार ने छह अगस्त 2024 को अलीगढ़ में कार्यभार ग्रहण किया था। अपने लगभग साढ़े आठ वर्ष के कार्यकाल में सीएम ग्रिड योजना में सड़क व नाला निर्माण, छर्रा अड्डा स्थित पंपिंग स्टेशन की शुरुआत, नगर निगम के आधुनिक व नए सदन की नींव रखने, जनसामान्य से प्रतिदिन संवाद स्थापित करने के लिए उनका कार्यकाल यादगार रहेगा। उनको प्राविधिक शिक्षा विभाग में विशेष सचिव के पद पर भेजा गया है। वह चर्चा में तब आए, जब एएमयू से जमीन मुक्त कराई। वित्तीय वर्ष 2024-25 के मार्च में एएमयू से 27.25 करोड़ रुपये बकाया संपत्ति कर की रिकार्ड वसूली भी की।
प्रेम प्रकाश मीणा l
मुख्यमंत्री योगी से कुलपति की मुलाकात के बाद स्थानांतरण
एएमयू कुलपति प्रो. नईमा खातून ने शनिवार की शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। एएमयू का कहना है कि कुलपति की यह शिष्टाचार मुलाकात थी। मुख्यमंत्री ने उनकी बात को अच्छे सुना। अच्छी मीटिंग रही। जानकारों का कहना है कि कुलपति ने जमीन का मामला मुख्यमंत्री के सामने रखा था। यह भी अवगत कराया कि जमीन पर नगर निगम के कब्जा लेने से एएमयू बिरादरी में नाराजगी है। छात्र यूनिवर्सिटी परिसर में मार्च निकाल चुके हैं।
कुलपति की मुलाकात को देख रहे
नगर आयुक्त के तबादले को यूनिवर्सिटी से जुड़े लोग कुलपति की मुलाकात के रूप में भी देख रहे हैं। नगर आयुक्त विनोद कुमार ने यह बयान भी दिया था कि अभी 50 बीघा जमीन भी एमएयू से खाली करानी है। अब देखना यह है कि नगर निगम यूनिवर्सिटी की जमीन को लेकर आगे की क्या कदम उठाता है।
नगर निगम के एएमयू से जमीन लेने के प्रकरण की जांच होनी चाहिए। नगर आयुक्त के स्थानांतरण करने पर प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। तालीमी संस्था के साथ गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है। गुलजार अहमद, पूर्व छात्र
नगर निगम का बिना नोटिफिकेशन के एएमयू की जमीन कब्जाना गैरकानूनी है। ये एक सेक्युलर इदारा है, जो राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाता है। इसके हक को पाने के लिए हर तरीके से तैयार हैं। डा. एम सलमान इम्तियाज, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष
नगर निगम ने एएमयू की जमीन पर कब्जा किया है। नगर आयुक्त शहर की जनता को मूलभूत सुविधाएं दे नहीं पा रहे, वक्फ बोर्ड की छर्रा अड्डा वाली जमीन भी नगर निगम की बताने लगे। इंसाफ पसंद लोगों में खुशी है। आगा यूनुस, कांग्रेस नेता
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