यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नहीं रहे 23 घंटे में 85 सर्जरी करने वाले डॉक्टर अजय प्रकाश, तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने किया था सम्मानित
Agra News आगरा के प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर अजय प्रकाश का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। हार्ट अटैक ...और पढ़ें

HighLights
- शहर के प्रख्यात यूरोलाजिस्ट के निधन से चिकित्सा जगत में शोक
- राष्ट्रपति कलाम ने 16 घंटे में 62 सर्जरी करने पर किया था सम्मान
- हार्ट अटैक की वजह से उनकी मृत्यु की संभावना
जागरण संवाददाता, आगरा। 23 घंटे में 85 सर्जरी करने वाले शहर के प्रख्यात सर्जन व यूरोलाजिस्ट डॉक्टर अजय प्रकाश का निधन रविवार को हो गया। वह 72 वर्ष के थे। सोते-सोते ही उन्होंने अंतिम सांस ली। हार्ट अटैक की वजह से उनकी मृत्यु की संभावना जताई जा रही है। उनके निधन से शहर के चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
शांतिवेद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज, बाइपास के चेयरमैन डा. अजय प्रकाश रविवार दोपहर अपने मित्र के यहां लंच पर गए थे। वहां से वापस लौटने के बाद वह अपने कमरे में आराम करने चले गए। साेते समय ही उन्होंने अंतिम सांस ली। नौ वर्ष पूर्व उनकी बाइपास सर्जरी हुई थी, लेकिन वह पूरी तरह स्वस्थ थे।
एसएन मेडिकल कॉलेज से किया था एमएस
- डॉक्टर अजय प्रकाश ने वर्ष 1977 में एसएन मेडिकल कॉलेज से जनरल सर्जरी में एमएस किया था।
- उन्होंने वर्ष 1981 में सेलेक्टिव सेगमेंटल एपिड्यूरल ब्लाक के तहत दर्द रहित डिलीवरी की शुरुआत की थी।
- वर्ष 1983 में प्रदेश का पहला अल्ट्रासोनोग्राफी केंद्र उन्होंने आगरा में स्थापित किया।
- वर्ष 1989 में पर्क्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटाेमी (पीसीएनएल) तकनीक पर आधारित उत्तर भारत के पहले केंद्र को यहां शुरू किया।
- वर्ष 1990 में उन्होंने 2.5 सेमी के एक छेद से दुनिया का पहला काेलेसिस्टेक्टोमी आपरेशन किया था।
- वर्ष 1991 में एकल छिद्र प्रक्रिया से एपेंडेक्टोमी और 1999 में होल्मियम लेजर प्रोस्टेट और स्टोन की सर्जरी शुरू की थी।
राष्ट्रपति कलाम ने 16 घंटे में 62 सर्जरी करने पर किया था सम्मान
डा. अजय प्रकाश ने वर्ष 2003 में 16 घंटे में लगातार 62 सर्जरी की थीं। इस उपलब्धि पर उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति भवन में बुलाकर सम्मानित किया था। वर्ष 2006 में लायंस क्लब के सहयोग से आयाेजित शिविर में उन्होंने 23 घंटे में 85 सर्जरी (गाल ब्लेडर की 71 और अपेंडिक्स की 14) की थीं। आगरा में हुए एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स आफ आगरा के इंस्टालेशन समारोह में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया था।

डॉक्टर अजय प्रकाश का फाइल फोटो।
कोराेना काल में हुआ था पत्नी का निधन
उनकी पत्नी डॉक्टर दिव्या प्रकाश का कोराेना काल में निधन हो गया था। अपने पीछे वह छोटे भाई डॉक्टर संजय प्रकाश, बेटे डॉक्टर श्वेतांक प्रकाश, बहू डॉक्टर ब्लासम प्रकाश, बेटी डॉक्टर स्वाति प्रकाश, भतीजे डॉक्टर प्रशांत प्रकाश को छोड़ गए हैं। एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स आफ आगरा के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर सुनील शर्मा ने कहा कि डॉक्टर अजय प्रकाश सहृदय व्यक्ति। वह सेवा कार्यों के लिए हमेशा तैयार रहते थे।
