आगरा, जागरण टीम। देश में बाबर, हुमांयु, अकबर, जहांगीर, शाहजहां और औरंगजेब जैसे मुगलों ने शासन किया था। कभी आगरा को मुगलों ने अपनी राजधानी बनाया था। मुगलों का खजाना आगरा किला में ही रखा जाता था। सिकंदर लोदी दिल्ली का पहला सुल्तान था, जिसने अपनी आगरा यात्रा के दौरान इसकी मरम्मत कराई और 1506 ईसवी तक इसे अपनी राजधानी बनाया। 1517 में उसकी मृत्यु के बाद उसके पुत्र इब्राहिम लोदी ने 9 सालों तक शासन किया। अकबर ने 1558 में आगरा को अपनी राजधानी बनाया और पूरे आठ साल तकरीबन 4000 कारीगरों ने मिलकर इस किले को तैयार किया। 1573 में ये पूरा बनकर तैयार हुआ। यहां जोधाबाई महल भी है।

बेहद बड़े क्षेत्र में है आगरा किला

आगरा में ताजमहल की खूबसूरती देखने आने वाले सैलानी किला देखने पहुंचते हैं। आगरा का किला बेहद बड़े क्षेत्र में है। अधिकांश स्थान इन दिनों सेना के अधिकार क्षेत्र में है। इस किले में कई ऐतिहासिक और खूबसूरत जगहें हैं। उन्हीं में से एक है जहांगीरी महल। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा ये किला का संरक्षण किया जा रहा है।

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एएसआइ द्वारा संरक्षित आगरा किला में जहांगीरी महल बना हुआ है। यह मुगल शहंशाह जहांगीर के रहने का स्थान था। रेड सैंड स्टोन से बनी इसकी दीवारों, कंगूरों, छज्जों, छत, पिलर, पिलर बेस आदि में कार्विग का सुंदर काम हो रहा है। इसमें अधिकांश डिजाइन राजस्थानी पैटर्न के हैं।

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आगरा किला का जहांगीरी महल जो बना है लाल पत्थर से

आगरा किला की बनावट काफी हद तक दिल्ली के लाल किले में मिलती-जुलती है। इसे बनाने में भी लाल रंग के बलुआ पत्थरों और सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है। किला का आकार अर्ध चंद्राकार है। आगरा किला के तीनों तरफ सड़क बनी हुई है। यमुना ते तरफ वाले सड़क मार्ग को यमुना किनारा मार्ग कहते हैं, जो ताजमहल के पश्चिमी दरवाजे तक पहुंचाता है। 

Edited By: Abhishek Saxena

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