स्मार्टफोन एप्स से आपकी पर्सनल चैट से लेकर निजी जानकारियां तक लीक होने का खतरा: रिपोर्ट
अमेरिकी सिक्योरिटी फर्म के दावे के मुताबिक एंड्रॉयड और iOS एप्स की वजह से आपकी निजी जानकारियां लीक हो सकती हैं
नई दिल्ली (टेक डेस्क)। अमेरिकी मोबाइल सिक्योरिटी फर्म Appthority के दावों के मुताबिक ज्यादातर एंड्रॉयड और iOS एप्स की वजह से यूजर्स की जानकारियां लीक होती हैं। इन जानकारियों में यूजर्स के पासवर्ड, जीपीएस लोकेशन, फाइनेंशियल रिकार्ड्स आदि शामिल हैं। इस सिक्योरिटी फर्म के मुताबिक ज्यादातर एंड्रॉयड और iOS एप्स यूजर के डाटा को स्टोर करने के लिए फायरबेस डाटाबेस का इस्तेमाल करते हैं। फायरबेस एक कॉमन क्लाउड प्लेटफॉर्म है, जो मोबाइल और वेब एप्लीकेशन्स के डाटा को बैकेंड में स्टोर करता है। फायरबेस को गूगल ने 2014 में अधिगृहत किया था।
Appthority के रिपोर्ट के मुताबिक, सिक्योरिटी फर्म ने 2.7 मिलियन से भी ज्यादा एप्स का विश्लेषण किया। इस विश्लेषण के बाद पता चला कि 27,227 एंड्रॉयड और 1,275 iOS एप्स फायरबेस का इस्तेमाल यूजर्स के डाटा को स्टोर करने के लिए करता है। फायरबेस के डाटाबेस सिस्टम में 3,046 से भी ज्यादा इस तरह की एप्स मौजूद हैं। जिसमें से 2,271 से भी ज्यादा असुरक्षित डाटाबेस है, जिसे कोई भी एक्सेस कर सकता है। इन असुरक्षित डाटाबेस में 2,446 एंड्रॉयड और 600 iOS एप्स शामिल हैं।
आपको बता दें कि इन डाटाबेस में 2.6 मिलियन से भी ज्यादा यूजर आईडी और पासवर्ड हैं। इसके अलावा 25 मिलियन से भी ज्यादा जीपीएस लोकेशन हैं। इसके अलावा 50 हजार से ज्यादा इन-एप्स फाइनेंशियल रिकार्ड भी शामिल हैं। 4.5 मिलियन से ज्यादा सोशल मीडिया टोकन्स भी शामिल हैं। इसके अलावा 4 मिलियन प्राइवेट चैट्स भी शामिल हैं। कुल मिलाकर 100 मिलियन से भी ज्यादा निजी जानकारियां 113 जीबी डाटा से भी ज्यादा जानकारियां लीक होने का खतरा है। इन असुरक्षित एप्स को 620 मिलियन से भी ज्यादा बार गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया गया है, जो कि एक चिंता का विषय है।
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