नई दिल्ली, टेक डेस्क। Mozilla Firefox एक काफी लोकप्रिय वेब ब्राउज़र है। भारत में भी इसकी बड़ी संख्या में यूजर्स हैं। लेकिन अब उन्हीं यूजर्स को सावधान होने की जरूरत है। भारत सरकार ने मोज़िला फायरफॉक्स को लेकर अपनी एक एडवाइजरी जारी कर दी है। इसमें यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है।

इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने मोजिला फायरफॉक्स ब्राउजर में कई खामियां पाई जिसके कारण यूजर्स की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी करनी पड़ी। एजेंसी के अनुसार इन खामियों का फायदा उठा कर हमलावर यूजर्स को एक खास तौर से बनाई गई वेबसाइट पर ले जा सकते हैं। CERT-In की एडवाइजरी में सभी यूजर्स को मोजिला फायरफॉक्स के वर्जन 105 और मोजिला फायरफॉक्स ईएसआर को वर्जन 102.3 में अपडेट करने की सलाह दी है।

क्या है CERT-In?

CERT-In यानि इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम एक राष्ट्रीय साइबर एजेंसी है। यह भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है। साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए इसे नोडल एजेंसी बनाया हुआ है।

सरकार ने एडवाइजरी में क्या कहा है?

इस एडवाइजरी में कहा गया है कि मोजिला फायरफॉक्स में कई खामियां मौजूद हैं। जिनका इस्तेमाल साइबर क्राइम करने वाले रिमोट द्वारा सुरक्षा प्रतिबंध को बायपास करने, मनमाने कोड को एग्जीक्यूट करने और टारगेट सिस्टम पर संवेदनशील जानकारी का खुलासा कर यूजर्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

सितंबर महीने की शुरुआत में भी भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने मोजिला फायरफॉक्स ब्राउजर में कई खामियों को देखते आगाह कर दिया था। इस ब्राउज़र में हैकर्स को डिवाइस के सिक्योरिटी सिक्टम से समझौता करने की अनुमति मिल सकती है।

इसी कारण अब सरकार की जारी हुई एडवाइजरी में कहा गया है कि मोजिला फायरफॉक्स ब्राउजर में मिले बग्स रिमोट हमलावर को सुरक्षा प्रतिबंधों को बायपास करने, मनमाने कोड को एग्जीक्यूट करने और टारगेट सिस्टम पर सर्विस अटैक करने की अनुमति भी दे सकते हैं। इसी से बचाव के लिए सरकार ने यूजर्स से मोजिला फायरफॉक्स ब्राउजर को अपडेट करने को कहा है।

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Edited By: Kritarth Sardana

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