Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    क्या आपके GPS ने कराई आपको 1999 की सैर, जानें क्या है माजरा

    By Sakshi PandyaEdited By:
    Updated: Sun, 07 Apr 2019 09:50 AM (IST)

    माजरा यह है की 6 अप्रैल को पूरी दुनिया का GPS अपनी लिमिट पर पहुंचकर रिसेट होगा। जानते हैं क्या है ये पूरा मामला और ऐसा आखिर होगा क्यों?

    क्या आपके GPS ने कराई आपको 1999 की सैर, जानें क्या है माजरा

    नई दिल्ली (टेक डेस्क)। आपने Déjà vu के बारे में तो सुना होगा? लेकिन क्या आपने कभी ऐसा अनुभव किया है? अगर नहीं तो आपको बता दें की कल यानी 6 अप्रैल को आपको Déjà vu महसूस हो सकता है। आप सोच रहे होंगे की हम किस बारे में बात कर रहे हैं? तो माजरा यह है की 6 अप्रैल को पूरी दुनिया का GPS अपनी लिमिट पर पहुंचकर रिसेट होगा। जानते हैं क्या है ये पूरा मामला और ऐसा आखिर होगा क्यों?

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    क्या है इसके पीछे की टेक्नोलॉजी?

    GPS से सम्बंधित इस परेशानी का लेना-देना US की 31 सैटेलाइट्स से है। ये सैटेलाइट्स GPS टाइम पर निर्भर रहती हैं। GPS टाइम एक हफ्ते को काउंट करने के लिए 10 बिट्स लेता है। सैटेलाइट्स में इस डाटा की एक सीमा होती है और 1024 हफ्ते या 19.7 वर्षों बाद इसकी सभी घड़ियों को दोबारा से रिसेट करना पड़ता है। यह समय अप्रैल 6 है।

    आप पर क्या पड़ेगा असर?

    आपके मन में सवाल तो जरूर उठ रहा होगा की इससे हमारा क्या लेना-देना? तो आप जरा यह सोचे की 21 अगस्त 1999, जब पिछली बार यह डाटा रिसेट हुआ था, तब कितनी डिवाइसेज GPS का इस्तेमाल करती थी? और यही सवाल फिर से पूछे की अब कितनी डिवाइसेज GPS का इस्तेमाल करती हैं? आज के समय में स्मार्टफोन्स से लेकर कार, प्लेन, शिपिंग, ट्रांसपोर्टेशन और लगभग सभी कुछ GPS का इस्तेमाल करते हैं। यह मामला इतना बड़ा है की होमलैंड सिक्योरिटी के डिपार्टमेंट ने इस इवेंट के बारे में निर्देश जारी किए हैं।

    मिलियन की तादात में इस्तेमाल हो रही GPS इनेबल डिवाइसेज रिसेट हो जाएंगे और सभी डिवाइसेज पर 21 अगस्त 1999 की तारिख दिखाई देगी। यह मान ले की 6 अप्रैल को आप साल 1999 में पहुंच जाएंगे। अब आपको Déjà vu हो न हो या पुरानी यादें तजा हो न हो लेकिन इससे गलत तारिख आने से सभी GPS डिवाइसेज आउट ऑफ सिंक हो जाएंगी। यह कितना अजीब हो सकता है, इसके लिए आपको उदाहरण देते हैं। अगर कार चलाते समय आपका GPS बताए की आप प्रशांत महासागर के मध्य में हैं तो भौचक्के ना हो जाएं।

    इससे पहले की आप घबराकर इसका कोई हल ढूंढने लगे। आपको बता दें की यह रोलओवर अधिकतर पुरानी डिवाइसेज पर प्रभाव डालेगाम जिसे अपग्रेड नहीं किया गया है। हालांकि, अधिकतर GPS मैनुफैक्चरर्स इस मामले के बारे में जानते हैं और इसे ठीक करने के लिए काम भी कर रहे हैं। भविष्य में आने वाली GPS डिवाइसेज 10 बिट की जगह 13 बिट टाइमस्टैम्प को सपोर्ट करेगी। इसका मतलब यह है की यह रोलओवर इवेंट हर 157 साल में एक बार होगा।

    यह भी पढ़ें:

    Whatsapp पर अब आप तय करेंगे की बनना है किस ग्रुप का हिस्सा, आया नया फीचर

    मद्रास HC ने TikTok बैन करने की दी सलाह, कहा- बच्चों की मानसिकता कर रहा है बर्बाद

    Inbox by Google के बंद होने के बाद लॉन्च हुई Spark Email ऐप, जानें फीचर्स