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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कंप्यूटर से कनेक्ट होगा Human Brain, ड्रिल के जरिए दिमाग में फिट होगी चिप

By Shilpa Srivastava Edited By:
Published: Thu, 18 Jul 2019 11:29 AM (IST)

इस योजना के मुताबिक इंसानों के दिमाग में कंप्यूटर चिप को इंस्टॉल किया जाएगा। यह उस समय ज्यादा मददगार साबित ...और पढ़ें

कंप्यूटर से कनेक्ट होगा Human Brain, ड्रिल के जरिए दिमाग में फिट होगी चिप
कंप्यूटर से कनेक्ट होगा Human Brain, ड्रिल के जरिए दिमाग में फिट होगी चिप

नई दिल्ली, टेक डेस्क। क्या आपने कभी ये सोचा था कि इंसान के दिमाग में कंप्यूटर कनेक्शन जोड़ा जाएगा? अगर नहीं, तो अब सोचिए, क्योंकि यह जल्द ही हो सकता है। दुनिया की सबसे मशहूर कंपनियों में से एक टेस्ला के चीफ एग्जिक्युटिव और स्पेस X के संस्थापक एलन मस्क एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के मुताबिक, इंसानों के दिमाग में कंप्यूटर चिप को इंस्टॉल किया जाएगा। यह उस समय ज्यादा मददगार साबित होगा जब कोई व्यक्त किसी मानसिक बिमारी से जूझ रहा होगा। इससे लोगों की मदद की जा सकेगी। इस चिप का इस्तेमाल इंसानों में सुपरह्यूमन इंटेलिजेंस को इनेबल करने के लिए किया जाएगा।

मानसिक बिमारी को ठीक करने में मिलेगी मदद: एलन मस्क ने दो वर्ष पहले न्यूरालिंक नाम की एक सिक्रेटिव कंपनी लॉन्च की थी। अब कंपनी ने ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस तकनीक की टेस्टिंग शुरू कर दी है। एलन का कहना है कि यह डिवाइस उन लकवाग्रस्त लोगों के लिए मददागर साबित होगी जो न्यूरोलॉजिकल विकार से ग्रस्त हैं। कंपनी का मानना है कि इस तकनीक के जरिए हर तरह के मानसिक विकारों को ठीक कर पाना संभव होगा।

दिमाग में इंस्टॉल होगी चिप: इस चिप को कंपनी ने चूहों और बंदरों पर टेस्ट किया था। जैसे ही यह टेस्टिंग पूरी हो जाती है तो उसे लॉन्च किए जाने के बारे में सोचा जाएगा। आपको बता दें कि यह चिप 4x4mm की होगी। यह कई हजारों माइक्रोस्कोपिक थ्रेड से कनेक्टेड होगी। अब लोगों का सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि इसे इंसानी दिमाग कैसे इंस्टॉल किया जाएगा। इस जवाब हम दे देते हैं। इस चिप को इंसानों के दिमाग में ड्रिल करके 4 छेदों के जरिए इम्प्लांट किया जाएगा। इन थ्रेड्स के इलेक्ट्रॉड्स न्यूरल स्पाइक्स को मॉनिटर करने में सक्षम होंगे।

जानें इन इलेक्ट्रॉड्स के बारे में: ये इलेक्ट्रॉड्स ना सिर्फ इंसानों के दिमाग को पूरी तरह से जान पाएंगे बल्कि उनके व्यवहार में आने-वाले उतार-चढ़ाव को भी समझ पाएंगे। यह फीड यूजर की स्मार्टफोन ऐप में स्टोर किए जाएंगे। एलन का कहना है कि यह तकनीक चिप के जरिए इंसानी दिमाग को कंप्यूटर से जोड़ पाएंगे। इसे इसी वर्ष की दूसरी तिमाही में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।

ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस ऐसे करेगा काम: इस तकनीक का नाम न्यूरालिंक है। यह दिमाग में पतले थ्रेड्स के जरिए इलेक्ट्रॉड्स इम्प्लांट करने से संबंधित हैं। यह चिप और वायर के जरिए दिमागी स्कीन में संबंधित होंगे। इस चिप को पॉड से कनेक्ट किया जाएगा। यह रिमूवेबल होंगे। इन्हें कान के पीछे लगाया जएगा। इसे बिना तार के दूसरे डिवाइस से कनेक्ट किया जाएगा। इसके जरिए मस्तिष्क के अंदर की जानकारी डायरेक्टिली स्मार्टफोन या फिर कंप्यूटर में स्टोर की जाएगी।

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