नई दिल्ली (टेक डेस्क)। डिजिलॉकर या एम परिवहन (mParivahan) प्लेटफॉर्म्स को सेंटर ने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के रजिस्ट्रेशन पेपर्स को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में स्वीकार करने के लिए अनुमति दे दी है। इसके अंतर्गत राज्यों को एक नोटिफिकेशन भेज दिया गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार डाक्यूमेंट्स eChallan सिस्टम के तहत इलेक्ट्रानिकली दिखाए जा सकेंगे। 

DigiLocker क्या है?

सबसे पहला सवाल जो आपके मन में उठ रहा होगा वो यह कि DigiLocker क्या है और इसका इस्तेमाल किस तरह से किया जा सकता है। आपके इस सवाल का जबाब यह है कि DigiLocker एक क्लाउट बेस्ड सेवा है, जिसे भारत सरकार ने नागरिकों के जरूरी दस्तावेजों जैसे कि सर्टिफिकेट्स, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि के डिजिटल यानी कि ऑनलाइन कॉपी को सुरक्षित रखने के लिए शुरू की है। इस सेवा की शुरुआत पीएम मोदी ने 2015 में की। आप अपने डॉक्यूमेंट्स को लैपटॉप या ऐप (एंड्रॉइड और आईओएस) के जरिए भी DigiLocker में सेव कर सकते हैं। यह एक सुरक्षित, ऑनलाइन स्टोरेज है जिसमें आप अपने सभी सरकारी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सेव कर सकते हैं।

डॉक्यूमेंट्स कैसे करें अपलोड?

डिजिलॉकर पर अपने डॉक्यूमेंट्स को अपलोड करने के लिए आपको बस अपलोड योर डॉक्यूमेंट्स पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आप अपने डॉक्यूमेंट की तस्वीर .jpg (ज्वॉइंट पिक्चर्स ग्रुप) या .PNG (पोर्टेबल नेटवर्क ग्राफिक्स) फॉर्मेट में अपलोड कर सकते हैं। एक बार डॉक्यूमेंट अपलोड हो जाने के बाद आप इसका इस्तेमाल कहीं भी कर सकते हैं। आपको डॉक्यूमेंट को फिजिकली कैरी नहीं करना पड़ेगा।

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