यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Vinayak Chaturthi 2024: कब है विनायक चतुर्थी? ये है गणेश जी को प्रसन्न करने की बेहद सरल पूजा विधि
कार्तिक माह में विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi 2024) का व्रत शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाएगा। इस दिन ...और पढ़ें

HighLights
- शुक्ल पक्ष में विनायक चतुर्थी मनाई जाती है।
- इस दिन भगवान गणेश की पूजा होती है।
- विनायक चतुर्थी पर दान जरूर करना चाहिए।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भगवान गणेश को चतुर्थी तिथि समर्पित है। इस दिन गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना और व्रत करने का विधान है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस तिथि पर भगवान गणेश जी की विधिपूर्वक उपासना करने से जातक के जीवन में आ रहे संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कार्तिक माह की विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi 2024) डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में।
विनायक चतुर्थी 2024 शुभ मुहूर्त (Vinayak Chaturthi 2024 Shubh Muhurat)
पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी की शुरुआत 04 नवंबर को रात 11 बजकर 24 मिनट पर हो रहा है। वहीं, इस तिथि का समापन 06 नवंबर को रात्रि 12 बजकर 16 मिनट पर हो रहा है। ऐसे में विनायक चतुर्थी 05 नवंबर को मनाई जाएगी।
सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 36 मिनट पर
सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 05 मिनट पर
चन्द्रोदय- सुबह 10 बजकर 06 मिनट पर
चंद्रास्त- रात 08 बजकर 09 मिनट पर
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 52 मिनट से 05 बजकर 38 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से 02 बजकर 35 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 33 मिनट से 05 बजकर 59 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 39 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक
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विनायक चतुर्थी पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठें और दिन की शुरुआत देवी-देवताओं के ध्यान से करें। स्नान करने के बाद घर और मंदिर की सफाई करें। सूर्य देव को अर्घ्य दें। चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की मूर्ति को विराजमान करें। गणपति को फूल और धूप समेत आदि चीजें अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर आरती करें। इसके बाद मंत्रों और गणेश चालीसा का पाठ करें। गणेश जी से सुख, समृद्धि और धन में वृद्धि की प्रार्थना करें। गणेश जी को फल, मोदक और मिठाई का भोग लगाएं। अंत में लोगों में प्रसाद का वितरण करें।
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