कैसा है आपके बच्चे का फ्रेंड सर्कल? विदुर नीति के इन नियमों से करें सही और गलत दोस्त की पहचान
विदुर नीति के अनुसार, अच्छी संगति का जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। जानिए बच्चों को सही और गलत दोस्तों का अंतर कैसे सिखाएं।

क्या कहती है विदुर नीति? (AI-Generated image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। बच्चों के व्यक्तित्व को ढालने में उनकी संगति की सबसे बड़ी भूमिका होती है। महाभारत काल में महात्मा विदुर ने राजा धृतराष्ट्र को जीवन की जो बारीकियां समझाई थीं, वो आज के दौर में भी बच्चों के पालन-पोषण के लिए उतनी ही सटीक बैठती हैं।
विदुर नीति बताती है कि इंसान की सोच और आदतें काफी हद तक इस बात से तय होती हैं कि उसका उठना-बैठना किसके साथ है। संगति के इसी असर को महात्मा विदुर ने एक श्लोक के जरिए बहुत सुंदरता से समझाया है:
महाभारत के उद्योग पर्व में आने वाले विदुर नीति में एक श्लोक है जो संगति के बारे में अच्छी तरह समझाता है-
यादृशैः संनिविशते यादृशांश्चोपसेवते।
यादृगिच्छेच्च भवितुं तादृग्भवति पूरुषः॥
अर्थ: इंसान जैसे लोगों के साथ समय बिताता है, जिनकी संगति चुनता है और जैसा बनने की चाह रखता है, वह धीरे-धीरे वैसा ही बन जाता है।
यह ठीक वैसे ही है जैसे साफ पानी जिस रंग या गुण वाली मिट्टी से मिलता है, उसका रंग और स्वाद वैसा ही हो जाता है। बच्चे भी कच्चे घड़े की तरह होते हैं, इसलिए उन्हें सही और गलत दोस्तों की पहचान होना बहुत जरूरी है।
सही और गलत दोस्त की पहचान कैसे करें?
सही रास्ता दिखाने वाले दोस्त: जो दोस्त पढ़ाई से भटकाए, झूठ बोलना सिखाए या अनुशासन तोड़े, उससे दूरी बनाना ही समझदारी है। सच्चा दोस्त वही है जो गलत काम करने पर टोके और सही राह पर चलने का हौसला दे।
मुश्किल में ढाल बनने वाला दोस्त: जो सिर्फ खेल-कूद या अच्छे समय में साथ रहे और कोई परेशानी आते ही बहाना बना ले, वह सच्चा दोस्त नहीं हो सकता। सच्चा दोस्त संकट के समय बिना स्वार्थ के साथ खड़ा रहता है।
पीठ पीछे सम्मान करने वाले दोस्त: अगर कोई दोस्त सामने मीठा बोले और पीठ पीछे मजाक उड़ाए या बुराई करे, तो समझ जाएं कि उसकी संगति सही नहीं है। एक अच्छा दोस्त हमेशा आपको प्रोटेक्ट करेगा।
माता-पिता को ऐसा होना चाहिए कि वो बच्चों पर दबाव बनाने के बजाय उनसे बातचीत का माहौल बनाएं और उनके अच्छे दोस्त बने। ऐसा करने से बच्चा खुद सही और गलत संगति का फर्क समझ जाएगा।
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