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विदुर नीति: जीवन में भारी संकट आने से पहले मिलते हैं ये संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Published: Sat, 26 Sep 2026 11:01 AM (IST)

महात्मा विदुर ने अपनी नीति में जीवन में आने वाले संकटों से पहले मिलने वाले कुछ संकेतों का वर्णन किया ...और पढ़ें

विपत्ति से पहले मिलने वाले मुख्य संकेत (Picture Credit: AI Generated)

विपत्ति से पहले मिलने वाले मुख्य संकेत (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। महाभारत काल में महात्मा विदुर को समस्याओं के समाधान और उनकी निष्पक्षता के लिए जाना जाता था। उन्होंने अपने जीवन में कई ऐसे उपदेश दिए, जो आज विदुर नीति (Vidur Niti) के रूप में प्रसिद्ध हैं।

लोग विदुर नीति के नियमों को अपनाकर सफलता प्राप्त कर रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विदुर नीति में व्यक्ति के जीवन, सफलता और चुनौतियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों का विस्तार से वर्णन किया गया है।

विदुर नीति में यह भी बताया गया है कि जब कभी व्यक्ति के जीवन में कोई संकट या बुरा समय आता है, तो उससे पहले कुछ संकेत मिलते हैं। अक्सर लोग इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसकी वजह से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

यह जानकर आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर ऐसे कौन-से संकेत हैं, जिनसे जीवन में संकट आने का पता लगाया जा सकता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं इन संकेतों के बारे में विस्तार से।

जीवन में संकट आने के संकेत

जीवन में अहंकार आना- जब आप में पद और धन का अहंकार आने लगे, तो यह जीवन में संकट आने का संकेत माना जाता है। विदुर नीति के अनुसार, व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु अहंकार है। अहंकार आने पर व्यक्ति स्वयं को सबसे श्रेष्ठ समझता है और समाज के लोगों को कुछ नहीं समझता। ऐसी स्थिति में उसके सीखने की क्षमता धीरे-धीरे खत्म हो जाती है और उसके अपने भी धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं, जिससे जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए विदुर नीति में बताया गया है कि व्यक्ति को किसी भी चीज का अहंकार नहीं करना चाहिए।

गलत लोगों की बातें अच्छी लगना- जब समाज के गलत लोगों की बात आपको अच्छी लगने लगे, तो समझ लें कि आपके जीवन में कोई बड़ा संकट आने वाला है। इसलिए महात्मा विदुर कहते थे कि गलत संगति के लोगों से जीवन में सदैव दूर रहना चाहिए। इन लोगों के साथ रहने से कोई बड़ा नुकसान हो सकता है।

क्रोध और कड़वी वाणी- महात्मा विदुर के अनुसार, क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है, जो उसके सोचने-समझने की क्षमता को नष्ट कर देता है। व्यक्ति का जब बुरा समय आता है, तो वह क्रोध में आकर लोगों को अपशब्द बोल देता है, जिसकी वजह से उसे बाद में पछतावा होता है। ऐसे लोगों का जीवन में कोई साथ नहीं देता। इसलिए अपनी वाणी पर काबू जरूर रखना चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।