यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Somvati Amavasya 2024: सोमवती अमावस्या पर इन जगहों पर जलाएं दीपक, जीवन से दूर होगा अंधेरा
सोमवती अमावस्या के दिन शिव जी की पूजा करना काफी पुण्यदायी समझा जाता है। ऐसे में यदि आप इस दिन ...और पढ़ें

HighLights
- पितरों को प्रसन्न करने के लिए शुभ है अमावस्या तिथि।
- सोमवार, 30 दिसंबर को पड़ रही है सोमवती अमावस्या।
- सोमवती अमावस्या पर की जाती है भगवान शिव की पूजा।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि को विशेष महत्व दिया जाता है। इस तिथि पर पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए विशेष माना जाता है। साथ ही इस दिन पर किए गए दान-पुण्य का भी साधक को शुभ फल प्राप्त होता है। इस बार पौष अमावस्या, सोमवार, 30 दिसंबर को मनाई जाएगी, जिसे सोमवार के दिन पड़ने के कारण सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2024) भी कहा जाएगा।
ये है पितरों की दिशा
अमावस्या तिथि को पितरों को प्रसन्न करने के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। ऐसे में सोमवती अमावस्या के दिन आपको घर के बाहर दक्षिण दिशा में पितरों के निमित्त सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए, क्योंकि यह दिशा पितरों की दिशा मानी जाती है। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और साधक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
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यहां जरूर जलाएं दीया
हर शाम को मां लक्ष्मी के निमित्त घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाया जाता है। ऐसे में अमावस्या के दिन भी आपको मुख्य द्वार पर दीपक जरूर जलाना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और साधक पर अपनी दया दृष्टि बनाए रखती हैं। इसके लिए आपको सरसों या फिर तिल का तेल का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मकता दूर होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
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पीपल के पेड़ के पास
अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना काफी शुभ फलदायक माना जाता है। क्योंकि हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पीपल के पेड़ में देवी-देवताओं और पितरों वास होता है। ऐसे में सोमवती अमावस्या पर पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से आपको काफी लाभ देखने को मिलेगा। आप चाहें, तो तिल के तेल का दीपक भी जला सकते हैं। ऐसा करने से आपके ऊपर देवों का आशीर्वाद बना रहेगा और सभी कष्ट दूर होंगे।
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