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शरद पूर्णिमा की रात भ्रमण पर निकलती हैं मां लक्ष्मी, जानें जागरण का महत्व और धन प्राप्ति के उपाय

Published: Thu, 22 Oct 2026 08:30 PM (IST)

शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं। मान्यता है इस रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और ...और पढ़ें

शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी का पृथ्वी पर आगमन ! (Picture Credit- AI Generated)

शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी का पृथ्वी पर आगमन ! (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में साल भर में मनाई जाने वाली पूर्णिमाओं में से शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। इसे कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। कहते हैं कि इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी चांदनी बेहद शुभ होती है।

एस्ट्रोपत्री की ज्योतिषी पूजा आहूजा के अनुसार, "शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने आती हैं। देवी लक्ष्‍मी यह देखती हैं कि कौन जागकर उनकी आराधना कर रहा है। इसी कारण इस रात जागरण करने की परंपरा प्रचलित है। कहा जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं, उन्हें देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।"

शरद पूर्णिमा पर जागरण का महत्व

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात जागकर मां लक्ष्मी की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। भक्त इस दौरान माता के मंत्रों का जाप करते हैं और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। मान्यता है कि इससे घर में धन-धान्य और समृद्धि का वास होता है।
  • शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की आराधना आर्थिक समस्याओं से छुटकारा दिलाती है। इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य उपयोगी चीजों का दान करना भी शुभ माना जाता है।
  • इस रात भजन-कीर्तन, मंत्र जाप और ध्यान करने से मन को शांति मिलती है। परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर पूजा करने से आपसी प्रेम बढ़ता है।

शरद पूर्णिमा की सरल पूजा विधि

  • शरद पूर्णिमा की शाम घर की अच्छी तरह सफाई करें। पूजा स्थल को फूलों और दीपों से सजाएं। मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर को साफ स्थान पर स्थापित करें।
  • मां लक्ष्मी के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद माता को फूल, फल, सफेद मिठाई और खीर अर्पित करें। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और प्रार्थना करें।
  • पूजा के समय मां लक्ष्मी के सरल मंत्र 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का जाप करें। इसके अलावा लक्ष्मी चालीसा का पाठ और भजन-कीर्तन भी करें। सुविधा के अनुसार रात में जागकर भगवान का स्मरण करें।
  • शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा के दर्शन करके जल अर्पित करने की परंपरा है। इस दौरान परिवार की सुख-शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना करें।

शरद पूर्णिमा पर धन प्राप्ति के उपाय

शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना, घर में स्वच्छता बनाए रखना, जरूरतमंदों की सहायता करना और श्रद्धापूर्वक मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटें। घर में अनावश्यक खर्चों से बचने और धन का सदुपयोग करने का संकल्प भी लें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।