Sakat Chauth 2026: सही तरीके से पारण करने पर ही मिलेगा सकट चौथ व्रत का लाभ, जरूर पढ़ें नियम
किसी भी व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है, जब उसका पारण सही ढंग से किया जाए। सकट चौथ व्रत का पारण चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद किया जाता है। इस दिन पर पर ...और पढ़ें

Sakat Chauth 2026 Paran ki vidhi
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, सकट चौथ (Sakat Chauth 2026), जिसे तिलकुट चौथ भी कहते हैं का व्रत, हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर किया जाता है। ऐसे में इस साल यह व्रत मंगलवार, 6 जनवरी को किया जाएगा। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु और अच्छी सेहत व भविष्य के लिए निर्जला व्रत करती हैं।
इस तरह करें पारण
सकट चौथ के दिन रात में चंद्र देव को अर्घ्य देने के बाद विधि-विधान से पूजा कर व्रत खोला जाता है। ऐसे में शाम को शुभ मुहूर्त में गणेश भगवान की पूजा-अर्चना करें और उन्हें तिलकुट का भोग अर्पित करें। अब भगवान के सामने दीपक जलाएं और सकट चौथ की कथा सुनें। पूजा के दौरान भगवान गणेश के मंत्रों का जप करना और गणेश जी को 21 दूर्वा अर्पित करना बहुत शुभ माना गया है।
रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद आप अपना व्रत खोलें। पारण के दौरान सबसे पहले तिल और गुड़ से बनी चीजों का सेवन करें और इसके बाद आप फलाहारी, दूध और शकरकंदी आदि का सेवन करें। व्रत के अगले दिन अन्न ग्रहण करें।

करें इन मंत्रों का जप
1. गणेश बीज मंत्र - ऊ गं गणपतये नमः"
2. "ऊं गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा"
3. गणेश गायत्री मंत्र - ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
4. वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥

इन बातों का जरूर रखें ध्यान
सकट चौथ के दिन व्रत करने वाले साधक को काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। क्योंकि हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य में काले कपड़े पहनना अच्छा नहीं माना जाता। व्रत में चंद्रमा को अर्घ्य देते समय इस बात का ध्यान रखें कि, जल की छीटें आपको पैरों पर नहीं पड़ने चाहिए। सकट चौथ का व्रत तिलकुट के बिना अधूरा माना जाता है। ऐसे में इस दिन पर गणेश जी को तिलकुट का भोग लगाना न भूलें।
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