नवंबर के पहले 5 दिन बेहद खास! कहीं रवि पुष्य तो कहीं गजकेसरी राजयोग, नोट करें खरीदारी के शुभ मुहूर्त
दीवाली 2026 (Diwali 2026) से पहले नवंबर के पहले सप्ताह में खरीदारी के लिए कई शुभ मुहूर्त और योग बन ...और पढ़ें

1 नवंबर को रवि पुष्य का महा संयोग, फिर आएंगे 3 बड़े शुभ योग (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली (Diwali 2026) का पर्व मुख्य रूप से बुराई पर अच्छाई, अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है। इस पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है और समापन भाई दूज पर होता है। दीवाली से पहले ही बाजारों में खास रौनक देखने को मिलती है और लोग विशेष चीजों की खरीदारी करते हैं। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में खरीदारी करना अत्यंत फलदायी होता है।
इसलिए खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त जरूर देखना चाहिए। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 1 से 6 नवंबर तक खरीदारी के लिए कई शुभ योग और मुहूर्त बन रहे हैं।1 नवंबर को रवि पुष्य योग का महासंयोग बन रहा है। रवि पुष्य योग (Ravi Pushya Yoga 2026) में सोना-चांदी, वाहन और संपत्ति खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा 2 नवंबर को सूर्य-बुध की युति से 'बुधादित्य योग' और शुक्र-बुध के मिलन से 'लक्ष्मी नारायण योग' का निर्माण होगा। आइए जानते हैं 1 नवंबर और आगामी दिनों में बनने वाले शुभ मुहूर्त और योग
1 नवंबर के शुभ मुहूर्त
रवि पुष्य योग: सुबह 06 बजकर 33 मिनट से 2 नवंबर सुबह 04 बजकर 30 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 05 बजकर 36 मिनट से 06 बजकर 54 मिनट तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06 बजकर 33 मिनट से 2 नवंबर सुबह 04 बजकर 30 मिनट तक
भूलकर भी न खरीदें ये चीजें
धनतेरस और दीवाली पर लोहा, एल्युमिनियम, प्लास्टिक, कांच के बर्तन, नकली सोना और नुकीली चीजें (जैसे चाकू, कैंची) खरीदने से बचना चाहिए। इन चीजों को खरीदना शुभ नहीं माना जाता।
1 नवंबर के चौघड़िया मुहूर्त
लाभ-अमृत चौघड़िया: सुबह 09 बजकर 18 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक
शुभ चौघड़िया: दोपहर 01 बजकर 27 मिनट से 02 बजकर 50 मिनट तक
शाम का शुभ समय (शुभ व अमृत): शाम 05 बजकर 42 मिनट से रात 08 बजकर 54 मिनट तक

(Picture Credit- AI Generated)
2 से 5 नवंबर तक के शुभ योग
2 नवंबर: बुधादित्य योग और लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण हो रहा है। इन दोनों शुभ योगों में बर्तन, वाहन, चांदी के सिक्के, मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की प्रतिमा, कौड़ी, शंख, स्वस्तिक और मिट्टी के दीपक खरीदना शुभ माना जाता है।
3 नवंबर: देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा।
4 नवंबर: अत्यंत शुभ ब्रह्म योग बन रहा है।
5 नवंबर: कार्तिक माह की रमा एकादशी मनाई जाएगी।
-1793429677498.webp)
(Picture Credit- AI Generated)
6 नवंबर को है धनतेरस
हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन सोना, चांदी, झाड़ू और लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमा खरीदना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 06 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 07 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक
धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 06 बजकर 19 मिनट से रात 08 बजकर 17 मिनट तक
खरीदारी का शुभ समय: सुबह 10 बजकर 30 मिनट के बाद पूरे दिन
दीवाली 2026 शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष दीवाली का महापर्व 08 नवंबर को मनाया जाएगा।
अमावस्या तिथि प्रारंभ: 08 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से
अमावस्या तिथि समाप्त: 09 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 05 बजकर 54 मिनट से रात 07 बजकर 50 मिनट तक
प्रदोष काल: शाम 05 बजकर 31 मिनट से रात 08 बजकर 09 मिनट तक
वृषभ काल: शाम 05 बजकर 54 मिनट से रात 07 बजकर 50 मिनट तक
यह भी पढ़ें- Dhanteras 2026: कर्ज और पैसों की किल्लत से हैं परेशान? धनतेरस पर तिजोरी में रखें ये 5 असरदार चीजें
यह भी पढ़ें- धनतेरस पर 13 दीये जलाने की प्रथा क्या है? यम से लेकर कुबेर तक, घर के इन स्थानों पर दीपक रखना होता है शुभ
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।