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धनतेरस पर सिर्फ सोना-चांदी खरीदना जरूरी नहीं! औषधि से लेकर बर्तनों तक, इन चीजों की खरीदारी भी होती है शुभ

Published: Thu, 29 Oct 2026 06:00 PM (IST)

धनतेरस पर सोना-चांदी के अलावा कई अन्य चीजों की खरीदारी भी शुभ मानी जाती है। भगवान धनवंतरि के प्रकटोत्सव के ...और पढ़ें

धनतेरस पर सिर्फ सोना-चांदी ही नहीं, इन चीजों की खरीदारी भी लाएगी सुख-समृद्धि (Picture Credit:AI Generated)

धनतेरस पर सिर्फ सोना-चांदी ही नहीं, इन चीजों की खरीदारी भी लाएगी सुख-समृद्धि (Picture Credit:AI Generated)

HighLights

  1. धनतेरस पर भगवान धनवंतरि का प्रकटोत्सव मनाया जाता है।

  2. सोना-चांदी के अलावा औषधि, बर्तन, कृषि उपकरण खरीदना शुभ।

  3. आयुर्वेद से जुड़ी वस्तुएं और जड़ी-बूटियां खरीदना भी लाभकारी।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धनतेरस का नाम सुनते ही लोगों के मन में सोने-चांदी के आभूषण, पीतल के बर्तन और नई धातु की वस्तुओं की खरीदारी का ख्याल आता है। मान्यता है कि इस दिन नई चीजें घर लाने से सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

वहीं क्या आप जानते हैं कि धनतेरस पर शुभ खरीदारी का संबंध केवल धातुओं तक नहीं है। एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, धनतेरस आरोग्य, समृद्धि और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का भी पर्व भी माना जाता है। इस दिन को भगवान धनवंतरि के प्रकटोत्सव के रूप में मनाया जाता है और इस दिन कई अन्य चीजों की खरीदारी को भी शुभ माना जाता है।
आइए जानते हैं, धनतेरस पर धातुओं के अलावा किन चीजों को खरीदना शुभ माना जाता है और इनके पीछे क्या मान्यताएं हैं।

आयुर्वेद और आरोग्य से जुड़ी परंपराएं

धनतेरस को लेकर कई मान्यताओं में से एक है कि इस दिन भगवान धनवंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे और उन्हें आयुर्वेद का जन्मदाता माना जाता है। आइए यहां जानें कुछ आरोग्य से जुड़ी परंपराएं क्या हैं-

भगवान धनवंतरि का प्रकटोत्सव

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा बताते हैं कि धनतेरस मुख्य रूप से भगवान धनवंतरि का प्रकटोत्सव है, जो आयुर्वेद के जनक हैं और समुद्र मंथन के समय अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। आज भी उनके जन्मदिवस को लोग आयुर्वेद के जनक के अवतरण के रूप में मनाते हैं और उनकी धन्वंतरि जी की श्रद्धा से पूजा करते हैं।

औषधियों की खरीदारी

चूंकि धनतेरस को आयुर्वेद के जनक के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है, इसलिए लोग इस दिन होनी जरूरत की औषधियों की खरीदारी भी करते हैं। एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार इस दिन जड़ी-बूटियां और आयुर्वेदिक उत्पाद खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।

क्या हैं धनतेरस की क्षेत्रीय मान्यताएं-

  • उत्तर भारत और कई ग्रामीण क्षेत्रों में इस दिन लोग घर में उपयोग होने वाली पारंपरिक औषधियां या स्वास्थ्य से जुड़े सामान खरीदते हैं।
  • पंजाब, हरियाणा और कई अन्य उत्तर भारतीय क्षेत्रों में इस दिन नई फसल का धान, चावल या धनिया के बीज घर लाना और उनकी पूजा करना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसे 'धन्य-तेरस' के रूप में भी देखा जाता है।
  • किसान इस दिन अपने खेतों के लिए नए कृषि उपकरण या औजार खरीदते हैं और विभिन्न कारीगर अपने कार्य से जुड़े औजारों की पूजा करते हैं।

बर्तनों की खरीदारी मानी जाती है शुभ

धातेरस पर सबसे ज्यादा शुभ बर्तनों को खरीदारी मानी जाती है। आप इस दिन पीतल, तांबे या चांदी के बर्तन खरीद सकते हैं। वहीं एक मान्यता यह भी है कि इस दिन आपको लोहे का सामान या बर्तन नहीं खरीदने चाहिए।

अगर आप भी सोना या चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं, तो धनतेरस के दिन यहां बताई अन्य चीजें भी खरीद सकते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।