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क्या धनतेरस पर खाली बर्तन घर लाने से रूठ सकती हैं माता लक्ष्मी? मान्यता के पीछे की असली वजह को समझें

Published: Wed, 28 Oct 2026 07:30 PM (IST)

धनतेरस पर खाली बर्तन घर न लाने की परंपरा है, क्योंकि इसे माता लक्ष्मी की नाराजगी और दरिद्रता का प्रतीक ...और पढ़ें

धनतेरस पर खाली बर्तन घर क्यों नहीं लाने चाहिए (Picture Credit: AI Generated)

धनतेरस पर खाली बर्तन घर क्यों नहीं लाने चाहिए (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. खाली बर्तन घर लाना दरिद्रता का प्रतीक।

  2. बर्तन में जल या अन्न भरकर घर लाएं।

  3. यह लक्ष्मी का आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धनतेरस का पर्व सुख-समृद्धि, धन और सौभाग्य की कामना के साथ मनाया जाता है। इस दिन आमतौर पर सोना, चांदी, बर्तन और अन्य धातुओं की खरीदारी करना शुभ माना होता है। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को तह पर्व मनाया जाता है और इसे भगवान् कुबेर की पूजा का दिन भी माना जाता है।

इस दिन बर्तनों की खरीदारी से घर में सौभाग्य और माता लक्ष्मी का वास होता है और इससे जुड़ी एक ऐसी लोक-मान्यता भी प्रचलित है, जिसके अनुसार धनतेरस पर खरीदा गया बर्तन कभी खाली घर नहीं लाना चाहिए।

ऐसा कहा जाता है कि खाली बर्तन घर लाने से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद नहीं मिलता है। एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, यह एक बहुत प्रसिद्ध मान्यता है कि धनतेरस के दिन जब भी कोई बर्तन या धातु खरीदी जाए, तो उसे खाली घर नहीं लाना चाहिए, उसमें कुछ न कुछ अवश्य भर लेना चाहिए। खाली बर्तन को रिक्तता या अभाव यानी दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं इस परंपरा से जुड़ी मुख्य बातें।

खाली बर्तन घर न लाने के कारण

धनतेरस पर खाली बर्तन घर लाना शुभ नहीं माना जाता है और ऐसा कहा जाता है कि आप इस बर्तन में कोई पूजा की सामग्री रखकर ही घर में प्रवेश करें। इसके कारणों के बारे में यहां जानें -

पूर्णता का उत्सव

दीपावली और धनतेरस का यह पावन पर्व माता लक्ष्मी के स्वागत और जीवन में पूर्णता का उत्सव है। इसलिए जब बर्तन की खरीदारी की जाती है तो घर की पूर्णता के लिए खाली बर्तन लाने से मना किया जाता है।

अन्न और धन का प्रतीक

धनतेरस पर बर्तन खरीदते समय आप बर्तन में जल, चावल, थोड़े से सिक्के, या कम से कम अन्न जैसे गेहूं या चावल भरकर घर लाना इस बात का प्रतीक होता है कि हमारा घर पूरे साल अन्न और धन से भरा रहे।

श्री गणेश और बरकत

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा बताते हैं जब हम कोई नया बर्तन खरीदते हैं और उसमें अन्न या जल भरकर घर में प्रवेश करते हैं, तो वह श्री गणेश और बरकत का जीवंत प्रतीक बन जाता है।

सकारात्मक ऊर्जा

धनतेरस पर खाली बर्तन घर न लाने की यह परंपरा हमारे मन में सकारात्मक ऊर्जा और भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकल्प को दर्शाती है। जिस समय बर्तन की खरीदारी करके उसे किसी भी सामग्री से पूर्ण करके घर लाया जाता है, तब यह घर में माता लक्ष्मी का आशीर्वाद भी लाता है और ऐसे में घर धन-धान्य से भरा रहता है।

अगर आप भी धनतेरस के दिन बर्तन की खरीदारी करते हैं, तो इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि आप बर्तन को खाली करके घर न लाएं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।