Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी पर न करें ये गलतियां, घर में हो जाएगा दरिद्रता का वास
निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi 2025) का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे करने से 24 एकादशी का फल मिलता है। इस साल यह 6 जून को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। कहा जाता है कि इस दिन पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। निर्जला एकादशी का व्रत बहुत शुभ माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। माना जाता है कि इस एकादशी का व्रत करने से सभी 24 एकादशी का फल मिलता है। इस साल निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi 2025) 6 जून को मनाई जाएगी। इस पवित्र दिन को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन सभी को करना चाहिए, तो आइए जानते हैं।
निर्जला एकादशी पर न करें ये काम (Nirjala Ekadashi 2025 Rules)
- तुलसी दल न तोड़ें - एकादशी पर तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। तुलसी विष्णु जी को बहुत प्रिय हैं। माना जाता है कि इस दिन तुलसी दल तोड़ने से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु नाराज होते हैं। अगर आपको पूजा के लिए तुलसी दल की जरूरत हो, तो एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।
- अन्न-जल का सेवन न करें - जैसा कि नाम से ही साफ है कि निर्जला एकादशी का व्रत बिना निर्जल रखा जाता है। इस दिन भूलकर भी अन्न या जल का सेवन न करें, वरना व्रत खंडित हो सकता है। हालांकि गर्भवती महिलाएं, बीमार व्यक्ति और बुजुर्ग लोग अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही व्रत रखें।
- चावल का सेवन न करें - एकादशी के दिन चावल का सेवन करने की मनाही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन चावल खाने से अगले जन्म में कीड़े-मकोड़े की योनि में जन्म मिलता है।
- तामसिक चीजों से बचें - निर्जला एकादशी पर तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इस दिन सात्विक भोजन ही ग्रहण करें। जो लोग इस व्रत का पालन नहीं भी कर हो, उन्हें भी इस दिन सात्विक भोजन करना चाहिए।
- बाल और नाखून न काटें - एकादशी के दिन बाल कटवाना, नाखून काटना या शेविंग करना अशुभ माना जाता है। इस दिन इन कामों से बचना चाहिए।
- किसी का अपमान न करें - निर्जला एकादशी के दिन किसी का भी अपमान न करें, चाहे वह घर का सदस्य हो या कोई अन्य व्यक्ति। किसी को भी अपशब्द कहने या उसका अनादर करने से बचें। ऐसा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी नाराज होते हैं।
- लड़ाई-झगड़े से बचें - इस दिन पर घर में या बाहर किसी से भी लड़ाई-झगड़ा करने से बचें।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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