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Narak Chaturdashi 2026: दो दिन की तिथि को लेकर न हों भ्रमित, जानें नरक चतुर्दशी की सही डेट और अभ्यंग स्नान का समय

Published: Sat, 07 Nov 2026 06:30 AM (IST)

नरक चतुर्दशी 7 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी, जिसमें अभ्यंग स्नान का मुहूर्त सुबह 5:41 से 6:38 तक है। इस ...और पढ़ें

नरक चतुर्दशी 2026 की डेट, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण जानकारी

नरक चतुर्दशी 2026 की डेट, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण जानकारी

HighLights

  1. नरक चतुर्दशी 7 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी।

  2. अभ्यंग स्नान का मुहूर्त सुबह 5:41 से 6:38 तक है।

  3. यम के लिए दीपक जलाना और पूजा विधि का महत्व।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली के 5 दिनों का महोत्सव 6 नवंबर को धनतेरस के साथ शुरू हो चुका है। आज 7 नवंबर 2026, शनिवार के दिन दीवाली का दूसरा महोत्सव 'नरक चतुर्दशी' जिसे छोटी दीवाली और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है।

हिंदू पंचांग के हिसाब से यह दीवाली से एक दिन पहले आती है, लेकिन इस साल चतुर्दशी की तिथि दो दिन होने के कारण कई लोगों को इसकी डेट को लेकर कन्फ्यूजन बनी हुई है।

नरक चतुर्दशी को लेकर मान्यता है कि, इस दिन अभ्यंग स्नान करने से नर्क नहीं जाना पड़ता है। इसके साथ ही सच्चे मन से विधि-विधान के साथ पूजा करने से व्यक्ति को अपने पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन लोग दीप जलाने के साथ संध्याकाल में यम का दीपक भी जलाता है। आइए जानते हैं नरक चतुर्दशी कब मनाई जाएगी और अभ्यंग स्नान के लिए सही मुहूर्त क्या रहने वाला है?

नरक चतुर्दशी 2026 डेट और मुहूर्त

हिंदू पंचांग के हिसाब से कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर 'नरक चतुर्दशी' मनाई जाती है। इस साल यह तिथि 7 नवंबर 2026, शनिवार को सुबह 10 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 8 नवंबर की सुबह 11 बजकर 27 मिनट तक रहेगी।

ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से नरक चतुर्दशी 7 नवंबर 2026 को है।

नरक चतुर्दशी अभ्यंग स्नान का मुहूर्त 2026

नरक चतुर्दशी के दिन अभ्यंग स्नान का मुहूर्त सुबह 5 बजकर 41 मिनट से लेकर 06 बजकर 38 मिनट तक है। तो वहीं नरक चतुर्दशी के दिन चंद्रोदय का समय सुबह 5 बजकर 41 मिनट पर है।

नरक चतुर्दशी पर क्या करें?

  • इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर तेल स्नान करना चाहिए।
  • इस दिन अभ्यंग स्नान का भी खास महत्व है।
  • इस दिन नए कपड़े पहनने भी शुभ माना जाता है।
  • मिट्टी के दीये भी जलाने की परंपरा निभाई जाती है।

नरक चतुर्दशी पूजा विधि

नरक चतुर्दशी की पूजा आमतौर पर शाम के समय की जाती है। इसके लिए पूजा स्थल को साफ करके वहां पर आटे या चावल से एक स्वस्तिक चिन्ह बनाया जाता है।

अब चौकी स्थापित करके उस पर लाल रंग के कपड़े का आसन बिछाएं।

इसके बाद चौकी पर मां लक्ष्मी, गणेश जी, हनुमान जी और श्रीकृष्ण भगवान की मूर्ति स्थापित करें।

इसके बाद चौकी की दाएं ओर एक घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। भगवान के आसन पर कुछ अक्षत अर्पण करें।

इसके बाद मिट्टी के 14 दीये जलाकर चौकी के पास रख दें।

फिर जल से पात्र से तीन बार इन दीपकों का आचमन करें और चौथी बार जल से अपना हाथ साफ करें।

धूप-दीपक जलाने के साथ मिठाई और गुड़-चना का भोग लगाना चाहिए।

घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने के बाद यमराज के लिए दीपक जलाकर दक्षिण दिशा में घर के बाहर रखना चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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