Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    माता पार्वती के श्राप से क्यों खारा हुआ समुद्र का मीठा पानी? जानें इसके पीछे का रहस्य

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 03:17 PM (IST)

    क्या आप जानते हैं कि कभी समुद्र का पानी दूध जैसा मीठा था? लेकिन, एक श्राप ने उस मीठे पानी को खारा कर दिया। जानिए माता पार्वती की उस पौराणिक कथा के बार ...और पढ़ें

    Hero Image

    माता पार्वती ने क्यों दिया था श्राप? (Image Source: AI-Generated)

    Zodiac Wheel

    वार्षिक राशिफल 2026

    जानें आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा आने वाला नया साल।

    अभी पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्मग्रंथों और पौराणिक कथाओं में सृष्टि के रहस्यों को लेकर कई रोचक कहानियां मिलती हैं। आज हम जिस समूद्र को विशाल और असीमित खारे पानी के भंडार के रूप में देखते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वह हमेशा से ऐसा नहीं था। एक समय था जब समुद्र का पानी दूध की तरह सफेद और शहद जैसा मीठा हुआ करता था। लेकिन, माता पार्वती के एक श्राप ने इसे हमेशा के लिए खारे पानी में बदल दिया।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    जब समुद्र के सौंदर्य पर लगा ग्रहण

    पौराणिक कथा के अनुसार, सतयुग के समय में समुद्र देव का जल अत्यंत पवित्र, मीठा और पीने योग्य था। समुद्र देव को अपनी सुंदरता और अपने जल की शुद्धता पर बहुत गर्व था। उसी समय, माता पार्वती अपनी तपस्या और साधना में लीन रहती थीं।

    एक बार भगवान शिव की अनुपस्थिति में माता पार्वती स्नान की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने अपनी मर्यादा और एकांत की रक्षा के लिए कुछ विशेष प्रबंध किए थे। लेकिन समुद्र देव, माता पार्वती के दिव्य रूप और उनके तेज से इतने सम्मोहित हो गए कि उन्होंने मर्यादा की सीमाओं को लांघने का प्रयास किया।

    माता पार्वती का क्रोध और श्राप

    समुद्र देव की चंचलता और उनकी कुदृष्टि ने माता पार्वती को अत्यंत क्रोधित कर दिया। माता पार्वती शक्ति का स्वरूप हैं और उन्होंने इसे स्त्री की मर्यादा का अपमान माना। उन्होंने अनुभव किया कि जिस मधुर जल पर समुद्र देव को इतना अहंकार है, वही उनके अहंकार का कारण बन रहा है।

    क्रोध में आकर माता पार्वती ने समुद्र देव को श्राप दिया- "जिस मधुर जल पर तुम्हें इतना अभिमान है और जिसकी वजह से तुम अपनी मर्यादा भूल गए हो, वह जल अब किसी के पीने योग्य नहीं रहेगा। आज से तुम्हारा समस्त जल खारा (नमकीन) हो जाएगा।"

    श्राप का प्रभाव और आज का सच

    माता पार्वती के श्राप देते ही समुद्र का मीठा जल तुरंत खारा हो गया। समुद्र देव को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने माता से क्षमा मांगी, लेकिन श्राप वापस नहीं लिया जा सकता था। तब से लेकर आज तक, दुनिया भर के समुद्रों का पानी खारा है। यही कारण है कि प्यास से व्याकुल होने के बावजूद कोई भी इंसान समुद्र का पानी नहीं पी सकता।

    यह भी पढ़ें- महाभारत से जुड़ा है शिव जी के पशुपतिनाथ कहलाने का रहस्य, पढ़ें ये पौराणिक कथा

    यह भी पढ़ें- तुलसी की माला चढ़ाने से क्यों खुश होते हैं हनुमान जी? पढ़ें इसके पीछे की पौराणिक कथा

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।