Masik Karthigai 2025: ज्येष्ठ महीने में कब है मासिक कार्तिगाई? यहां जानें सही डेट एवं शुभ मुहूर्त
कहते हैं कि मासिक कार्तिगाई दीपम तिथि पर भगवान शिव ज्योत रूप में प्रकट हुए थे। इस शुभ अवसर पर देवों के देव महादेव और कार्तिकेय जी की पूजा की जाती है। यह पर्व दक्षिण भारत समेत श्रीलंका में धूमधाम से मनाया जाता है। मासिक कार्तिगाई दीपम की संध्या पर लोग अपने घरों के बाहर और अंदर दीएं जलाते हैं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Masik Karthigai 2025: सनातन धर्म में मासिक कार्तिगाई दीपम पर्व का खास महत्व है। यह पर्व हर महीने धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन सृष्टि के रचयिता भगवान शिव और कार्तिकेय जी की पूजा की जाती है। भगवान कार्तिकेय को देवताओं का सेनापति भी कहा जाता है।
धार्मिक मत है कि भगवान शिव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही दुख, शोक, रोग, भय और संकट से मुक्ति मिलती है। इस शुभ अवसर पर मंदिरों में भगवान शिव और मुरुगन की विशेष पूजा की जाती है। मासिक कार्तिगाई दीपम पर महिलाएं व्रत भी रखती हैं। आइए, मासिक कार्तिगाई की सही डेट एवं शुभ मुहूर्त एवं योग जानते हैं-
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मासिक कार्तिगाई शुभ मुहूर्त (Masik Karthigai 2025 Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, 26 मई को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। इस दिन चतुर्दशी तिथि दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक है। इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू होगी। वहीं, कृतिका नक्षत्र का संयोग सुबह 08 बजकर 23 मिनट से हो रहा है। कृतिका नक्षत्र के शुभ संयोग में मासिक कार्तिगाई मनाई जाती है। इसके लिए 26 मई के दिन ज्येष्ठ माह की मासिक कार्तिगाई मनाई जाएगी।
मासिक कार्तिगाई शुभ योग (Masik Karthigai 2025 Shubh Yog)
ज्योतिषियों की मानें तो मासिक कार्तिगाई पर दुर्लभ शोभन योग का संयोग बन रहा है। शोभन योग का संयोग सुबह 07 बजकर 02 मिनट तक है। इसके साथ ही शिववास योग का भी संयोग है। शिववास योग दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से है। इस दौरान देवों के देव महादेव कैलाश पर जगत की देवी मां गौरी के साथ रहेंगे। शिववास योग के दौरान भगवान शिव की पूजा एवं भक्ति करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।
पंचांग
- सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 25 मिनट पर
- सूर्यास्त - शाम 07 बजकर 11 मिनट पर
- ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 03 मिनट से 04 बजकर 44 मिनट तक
- विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 36 मिनट से 03 बजकर 31 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त - शाम 07 बजकर 10 मिनट से 07 बजकर 31 मिनट तक
- निशिता मुहूर्त - रात 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक
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