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    Masik Shivratri 2025: चैत्र माह में कब है मासिक शिवरात्रि, जानिए शुभ मुहूर्त और शिव जी की पूजा विधि

    Updated: Tue, 04 Mar 2025 04:20 PM (IST)

    हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने में आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती जी की पूजा-अर्चना की जाती है। चैत्र माह की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि इस माह में मासिक शिवरात्रि कब मनाई जाएगी और इसका पूजा मुहूर्त क्या रहने वाला है।

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    Masik Shivratri 2025 kab hai (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। महादेव की कृपा प्राप्ति के लिए मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri 2025) को एक उत्तम तिथि माना गया है। इस दिन पर भगवान शिव के निमित्त व्रत और पूजा-पाठ करने से उनकी असीम कृपा प्राप्त की जा सकती है। इस दिन पर आप पूजा के दौरान शिव जी के मंत्रों का जप कर विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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    मासिक शिवरात्रि शुभ मुहूर्त (Masik Shivratri Puja Muhurat)

    पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी 27 मार्च को रात 11 बजकर 03 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 28 मार्च को शाम 07 बजकर 55 मिनट पर होगा। ऐसे में चैत्र माह की मासिक शिवरात्रि का व्रत गुरवार, 27 मार्च 2025 को किया जाएगा। मासिक शिवरात्रि की पूजा मध्य रात्रि में की जाती है। इसलिए इस दिन शिव जी की पूजा का मुहूर्त इस प्रकार रहेगा -

    मासिक शिवरात्रि पूजा मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 03 से 28 मार्च 12 बजकर 49 मिनट तक

    (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    शिव जी की पूजा विधि

    • सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवितृ हो जाएं।
    • मंदिर की साफ-सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करें।
    • एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर शिव जी और पार्वती माता की मूर्ति स्थापित करें।
    • कच्चे दूध, गंगाजल, और शुद्ध जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
    • शिव जी को बेलपत्र, धतूरा, और भांग आदि अर्पित करें।
    • भगवान शिव को मखाने की खीर, फल, हलवा या फिर चावल की खीर का भोग लगाएं।
    • साथ ही माता पार्वती को 16 शृंगार की सामग्री अर्पित करें।
    • दीपक जलाकर भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।
    • शिव चालीसा और शिव जी के मंत्रों का जप करें।
    • अंत में सभी लोगों में पूजा का प्रसाद बांटें।

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    (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    शिव जी के मंत्र -

    शिव मूल मंत्र - ॐ नमः शिवाय॥

    भगवान शिव का गायत्री मंत्र - ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

    महामृत्युंजय मंत्र - ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||

    ध्यान मंत्र - करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा। श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधं। विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व। जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो ॥

    रुद्र मंत्र - ॐ नमो भगवते रुद्राये।।

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    शीघ्र विवाह के लिए मंत्र -

    ओम कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।

    नंदगोपसुतम् देवि पतिम् मे कुरुते नम:॥

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।