Mantra Jaap Niyam: मंत्रों के उच्चारण से पहले जान लें इसके नियम, मिलेगा दोगुना फल
Mantra Jaap Niyam हिंदू धर्म में हर प्रकार के कार्य को मंत्रों से जोड़ा गया है ताकि उसकी पवित्रता बनी रहे। कोई भी मंत्र जाप यदि सही ढंग से किया जाए तो उसका प्रभाव सकारात्मक ही पड़ता है। ऐसे में मंत्र जाप करने से पहले इससे जुड़े नियमों को जानना जरूरी है। आइए जानते हैं कि मंत्रोच्चारण से पहले और मंत्रोच्चार के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Mantra Jaap Benefits: सनातन धर्म में कई ऐसे तरीके बताए गए हैं जिनके द्वारा आप ईश्वर की भक्ति को प्राप्त कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है मंत्रों का जाप। मंत्रों का जाप करने से केवल सुख-समृद्धि तो प्राप्त होती ही है। साथ ही इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहता है। लेकिन मंत्रों का जाप करने समय कुछ नियमों का ध्यान रखा जाना जरूरी है, तभी व्यक्ति को मंत्रोच्चारण का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
मंत्रों का पाठ करने के लाभ (Benefits of Mantra Jaap)
सनातन धर्म के अनुसार मंत्रों में बहुत शक्ति होती है। शास्त्रों में बताया गया है कि मंत्रों के जाप से मनुष्य का शरीर और आत्मा शुद्ध बनी रहती है। इतना ही इस मंत्र के जाप से आरोग्य जीवन मिलता है। साथ ही नकारात्मक ऊर्जा आपसे दूर रहती है। मान्यताओं के अनुसार, नियम के अनुसार मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ के साथ-साथ शारीरिक लाभ भी मिलते हैं।
इन नियमों का रखें ध्यान
शास्त्रों के अनुसार, सूर्योदय के समय मंत्रों का जाप करना सबसे अच्छा माना जाता है। मंत्र जप करने से पहले संकल्प लेनी जरूरी माना गया है। इसके पश्चात ही मंत्र जप शुरू करना चाहिए। इससे सिद्धि की प्राप्ति होती है।
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मंत्र के साथ करें पूजा
मंत्र जप के साथ पूजा करना भी अनिवार्य माना गया है। इसके लिए रोजाना ईश्वर की पूजा और आरती करें। अपने इष्टदेव की पूजा के बाद ही मंत्रों का जाप करना चाहिए।
न करें ये काम
मंत्र जाप के दौरान अपने मन और मस्तिष्क को एकाग्र रखना जरूरी है। मंत्रोच्चारण के समय छींक का आना, आसन पर सही ढंग से न बैठना, क्रोध करना आदि कार्य वर्जित माने गए हैं। इन कार्यों को करने से मंत्र जाप का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।
इन मालाओं का करें उपयोग
यदि मंत्र जाप करते समय उचित माला का प्रयोग किया जाए तो, इससे मंत्रों से मिलने वाला लाभ और भी बढ़ जाता है। मंत्र के लिए मूंगे की माला, मोती की माला, कमल गट्टे की माला, तुलसी और रुद्राक्ष की माला आदि का प्रयोग करना सबसे उत्तम माना जाता है।
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