कब और क्यों लगता है Simhastha Kumbh? यहां जानिए ज्योतिषीय गणित
सनातन धर्म में महाकुंभ मेले को बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मेला हर 12 सालों में एक बार लगता है। वहीं इस दौरान (Maha Kumbh Shahi Snan 2025) सिंहस्थ कुंभ पर भी चर्चा शुरू हो गई है जो अपने आप में बेहद खास है तो चलिए इसके (Simhastha Kumbh) बारे में जानते हैं कि ये कब और कहां लगता है?

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्रयागराज में महाकुंभ मेले की पावन शुरुआत हो चुकी है, जिसका समापन 26 फरवरी, 2025 को होगा। इस पावन मेले में भारी तदाद में साधु-संत और श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कहते हैं कि इस शुभ मौके पर त्रिवेणी तट पर पवित्र डुबकी लगाने से जन्मों जन्म के पापों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही शुभ फलों की प्राप्ति होती है। वहीं, महाकुंभ (Mahakumbh Mela 2025) की भव्यता को देखकर आज हर कोई हैरान है। इसके साथ ही महाकाल की नगरी उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ कुंभ की जानकारी लेने में लग गए हैं।
सिंहस्थ कुंभ पर शुरू चर्चा (Simhastha Kumbh)
महाकुंभ सिर्फ प्रयागराज में आयोजित किया जाता है, जबकि कुंभ मेला भारत के चार प्रमुख शहर हरिद्वार, नासिक, प्रयागराज और उज्जैन में लगता है। महाकुंभ के साथ अब अगले कुंभ यानी सिंहस्थ कुंभ पर भी चर्चा शुरू हो गई है, जो अपने आप में बेहद खास है, तो चलिए जानते हैं कि ये कब लगता है?
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सिंहस्थ कुंभ कब लगता है? (Simhastha Kumbh Kab Lagta Hai?)
दरअसल, सिंहस्थ कुंभ विशेष रूप से नासिक और उज्जैन में ही आयोजित किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इसका संबंध सिंह राशि से है। कहते हैं कि जब बृहस्पति सिंह राशि में और सूर्य मेष राशि में होता है, तब इन स्थानों पर सिंहस्थ कुंभ का आयोजन किया जाता है, जिनका अपना महत्व है।
इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और इस पवित्र मेले में हिस्सा लेती है। ऐसा कहा जाता है कि जो लोग इस मेले में हिस्सा लेते हैं, उनकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और अक्षय फलों की प्राप्ति होती है।
जानकारी के लिए बता दें कि साल 2028 में 27 मार्च से 27 मई तक उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ लगेगा, जिसका इंतजार सभी भक्तों को हैं।
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