Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Lakshman and Urmila: कुंभकर्ण को ब्रह्मा जी ने, तो उर्मिला को किसने दिया था सोने का वरदान

    Updated: Tue, 21 Jan 2025 01:46 PM (IST)

    अपने भाई राम के प्रति लक्ष्मण जी के त्याग (Lakshman sacrifice) और के बारे के बारे में तो लगभग सभी जानते हैं। लेकिन लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला का त्याग माता सीता से भी बढ़ा माना जाता है। क्योंकि माता सीता ने वनवास में भी 14 वर्ष अपने पति के साथ बिताए थे लेकिन उर्मिला जी को 14 वर्षों तक लक्ष्मण जी से वियोग सहना पड़ा था।

    Hero Image
    Lakshman and Urmila लक्ष्मण जी को वनवास में क्यों नहीं आई नींद? (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। रामायण ग्रंथ में ऐसी कई कथाएं मिलती हैं, जो व्यक्ति के ज्ञान को तो बढ़ाती हैं, लेकिन उत्सुकता भी पैदा करती हैं। आज हम आपको रामायण का मुख्य पात्र रहे लक्ष्मण और उनकी पत्नी उर्मिला (Lakshman-Urmila Story) से जुड़ी एक ऐसी ही कथा बताने जा रहे हैं, जिसके अनुसार, लक्ष्मण जी ने वनवास के 14 साल जागकर बिताए, तो वहीं उर्मिला 14 सालों तक सोती रही थीं। चलिए जानते हैं इसका कारण।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    ये मिलती है कथा

    रामायण की कथा के मुताबिक (Ramayana tale) वनवास के दौरान लक्ष्मण जी की पत्नी उर्मिला भी उनके साथ जाना चाहती थी। लेकिन लक्ष्मण जी ने उनसे कहा कि उनकी आवश्यकता अयोध्या में ज्यादा है, अगर वह भी चली जाएंगी तो माताओं का ध्यान कौन रखेगा। वनवास के दौरान एक बार लक्ष्मण ने नींद के देवी, अर्थात निद्रा देवी की उपासना की थी और उनसे यह वरदान मांगा था कि उन्हें 14 वर्षों तक नींद न आए।

    (Picture Credit: Freepik)

    लेकिन निद्रा देवी ने उनके सामने शर्त रखी कि उनके हिस्से की नींद किसी और को लेनी पड़ेगी। तब लक्ष्मण जी ने अपने हिस्से की निंद उनकी पत्नी उर्मिला को देना का निवेदन किया। इसलिए निद्रा देवी के वरदान के कारण उर्मिला 14 वर्षों तक सोती रही थीं और लक्ष्मण जी जागते रहे। वहीं रामायण के एक और पात्र कुंभकर्ण को भी भूलवश ब्रह्मा जी से सोने का वरदान मिला था।

    यह भी पढ़ें - आखिर क्यों भगवान विष्णु ने देवताओं की माता के गर्भ से जन्म लेने की जताई थी इच्छा, जानिए पौराणिक कथा

    (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    निभाया पत्नी धर्म

    रामायण की कथा के अनुसार, उर्मिला जी ने 14 वर्षों तक एक आंसू भी नहीं बहाया था, क्योंकि लक्ष्मण जी ने उनसे ऐसा न करने का वचन लिया था। क्योंकि अगर नववधू होकर वह दुखी होंगी, तो अन्य लोग भी उन्हें देखकर उदास हो जाएंगे।

    यह भी कहा जाता है कि जब लक्ष्मण जी वनवास पूरा कर अयोध्या वापस लौटे, तो उर्मिला उन्हें पहचान न सकी। जिसका कारण यह बताया जाता है कि वह 14 वर्षों तक सोती रहीं थीं और उन्होंने इतने समय तक लक्ष्मण जी को देखा नहीं था।

    यह भी पढ़ें - Lord Rama's Vidya: क्यों भगवान राम को वनवास के दौरान नहीं लगती थी भूख? इस विद्या से जुड़ा है कनेक्शन

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।