Karthigai Deepam 2025: मासिक कार्तिगाई पर इस विधि से करें शिव पुत्र की पूजा, क्यों आज दीपक जलाना है जरूरी?
मासिक कार्तिगाई (Karthigai Deepam 2025) का दिन अपने आपमें बहुत ज्यादा पावन माना गया है। यह भगवान मुरुगन की पूजा के लिए समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार मासिक कार्तिगाई का पर्व आज यानी 22 जून 2025 को मनाया जा रहा है, तो आइए इस आर्टिकल में इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर महीने आने वाली कार्तिगाई को मासिक कार्तिगाई के नाम से जाना जाता है। यह भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय जी की पूजा के लिए समर्पित है। यह विशेष रूप से दक्षिण भारत में बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल मासिक कार्तिगाई का पर्व (Karthigai Deepam 2025) आज यानी 22 जून 2025 को मनाया जा रहा है, तो आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं।
मासिक कार्तिगाई पूजा विधि (Karthigai Deepam 2025 Puja Rituals)
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
- पूजा मंदिर को साफ करें।
- पूजा को शुरू करने से पहले भगवान कार्तिकेय का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
- एक वेदी पर भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा स्थापित करें।
- गंगाजल से उनका अभिषेक करें।
- चंदन का तिलक लगाएं।
- दीपक तिल का तेल या घी का दीपक जलाएं।
- भगवान कार्तिकेय के मंत्रों का जाप करें।
- अंत में आरती करें।
- पूजा घर, तुलसी, रसोई घर और छत पर भी दीपक जरूर जलाएं।
- इस दिन घर पर किसी भी तरह का तामसिक भोजन न बनाएं।
- तामसिक चीजों से दूर रहें।
दीपक जलाने का महत्व (Importance Of Lighting A Lamp )
मासिक कार्तिगाई पर दीपक जलाना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। दीपक ज्ञान, प्रकाश और शुभता का प्रतीक है। ऐसी मान्यता है कि दीपक जलाने से भगवान कार्तिकेय खुश होते हैं और भक्तों के जीवन से अंधकार और अज्ञानता को दूर करते हैं। इसके साथ ही यह नकारात्मक ऊर्जा को भी दूर करता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। यही वजह है कि इस दिन कई घरों में शाम के समय घर के चारों ओर और विशेष रूप से पूजा घर में मिट्टी के दीये जलाए जाते हैं।
भगवान कार्तिकेय पूजा मंत्र (Karthigai Deepam 2025 Puja Mantra)
- ॐ शरवण भव
- ॐ कार्तिकेयाय नमः
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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