यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jitiya vrat 2025 Date: किस दिन मनाया जाएगा जितिया व्रत? यहां जानें शुभ मुहूर्त और योग
सनातन धर्म में आश्विन माह का खास महत्व है। आश्विन माह का कृष्ण पक्ष पितरों को समर्पित होता है। वहीं ...और पढ़ें

HighLights
- रमा एकादशी आश्विन माह में मनाई जाती है।
- इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
- भगवान विष्णु की पूजा से हर कामना पूरी होती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जितिया व्रत मनाया जाता है। यह पर्व विशेषकर बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश समेत नेपाल के कई हिस्सों में मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर विवाहित महिलाएं संतान प्राप्ति और पुत्र की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं।
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धार्मिक मत है कि जितिया व्रत करने से पुत्र की आयु लंबी होती है। साथ ही पुत्र तेजस्वी और ओजस्वी होता है। इस दिन विवाहित महिलाएं निर्जला व्रत रख जगत के पालनहार भगवान कृष्ण की पूजा करती हैं। इस समय जीमूतवाहन की कथा का पाठ किया जाता है। आइए, जितिया व्रत की सही डेट, शुभ मुहूर्त और योग जानते हैं-
जितिया व्रत शुभ मुहूर्त (Jitiya Vrat Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 14 सितंबर को सुबह 05 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगी । वहीं, इस तिथि का समापन 15 सितंबर को देर रात 03 बजकर 06 मिनट पर होगा। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। इस प्रकार 14 सितंबर को जितिया व्रत मनाया जाएगा।
जितिया व्रत शुभ योग (Jitiya Vrat Shubh Yog)
ज्योतिषियों की मानें तो अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही रवि और शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है। इन योग में जगत के नाथ भगवान कृष्ण की पूजा करने से व्रती की हर मनोकामना पूरी होगी।
शिववास योग
जितिया व्रत पर शिववास योग का संयोग दिन भर है। वहीं, शिववास योग का समापन 15 सितंबर को देर रात 03 बजकर 06 मिनट तक है। इस योग में व्रती जगत के पालनहार भगवान श्रीकृष्ण और शिवजी की पूजा करने से साधक को सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है।
पंचांग
- सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 05 मिनट पर
- सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 27 मिनट पर
- चन्द्रोदय- देर रात 11 बजकर 18 मिनट पर
- चंद्रास्त- दोपर 01 बजकर 11 मिनट पर
- ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 33 मिनट से 05 बजकर 19 मिनट तक
- विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 20 मिनट से 03 बजकर 09 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 27 मिनट से 06 बजकर 51 मिनट तक
- निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 40 मिनट तक
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