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    Guru Purnima 2025: गुरुवार का दिन गुरु पूर्णिमा का संयोग… ये उपाय करे लें, तो पैसा और सम्मान दोनों मिलेगा

    Updated: Thu, 10 Jul 2025 06:35 AM (IST)

    आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को इस साल 10 जुलाई 2025 को गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। धन संबंधी परेशानी दूर करने के लिए मां लक्ष्मी को खीर और नैवेद्य का भोग लगाएं। इससे धन की परेशानी दूर होती है।

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    गुरु पूर्णिमा पर इंद्र योग और वैधृति योग का संयोग भी रहेगा।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है, जो इस साल 10 जुलाई 2025 को है। पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 10 जुलाई को रात 01:37 मिनट पर होगी और इसका समापन 11 जुलाई को रात 02:07 मिनट होगा। इस दिन इंद्र योग और वैधृति योग का संयोग भी रहेगा। 

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    गुरुवार के दिन इस तिथि के पड़ने से यह दिन और भी ज्यादा शुभ हो गया है। यदि आपको जीवन में मान-सम्मान नहीं मिल रहा है। दांपत्य जीवन में परेशानी चल रही है। धन-संपत्ति को लेकर परेशानी चल रही है, तो इस दिन कुछ उपायों को करने से आप अपनी किस्मत के ताले खोल सकते हैं।

    धन संबंधी परेशानी ऐसे होगी दूर 

    गुरु पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस दिन सत्यनारायण की कथा करने का विधान है। गुरु पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें खीर और नैवेद्य का भोग लगाना चाहिए।

    कौड़ियां, शंख, लाल फूल, मिठाई आदि चीजें मां लक्ष्मी को अर्पित करने से वह प्रसन्न होकर कृपा करती हैं। पूजा करने के बाद कौड़ियों को लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रखने से धन लाभ के योग बनने लगते हैं। इस दिन तुलसी, पीपल के पेड़ के पास दीपक लगाने से भी मां लक्ष्मी की कृपा होती है। 

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    मान-सम्मान पाने के लिए यह करें 

    यदि कुंडली में गुरु दोष से परेशान चल रहे हैं। या जीवन में मान-सम्मान नहीं मिल रहा है, तो भगवान विष्णु की आराधना करने से लाभ होगा। उन्हें प्रसन्न करने के लिए पीले फूल, पीले वस्त्र, पीली मिठाई का दान करना चाहिए। 

    इसके अलावा 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' या 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। अपने गुरु, माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लें। 

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।