Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    Ganesh Mantra: बुधवार के दिन पूजा के समय करें इन मंत्रों का जप, दौड़ने लगेगा रुका हुआ कारोबार

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Tue, 11 Mar 2025 07:30 PM (IST)

    सनातन धर्म में भगवान गणेश (Lord Ganesh Puja Vidhi) प्रथम पूजनीय हैं। किसी भी शुभ काम की शुरुआत के समय सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। आसान शब ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    Ganesh Mantra: भगवान गणेश को कैसे प्रसन्न करें?

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। बुधवार का दिन भगवान गणेश को बेहद प्रिय है। इस दिन देवों के देव महादेव के पुत्र भगवान गणेश की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही करियर औ कारोबार में सफलता पाने के लिए बुधवार का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक के आय, सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। साथ ही आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है।

    सनातन शास्त्रों में निहित है कि भगवान गणेश की पूजा करने से साधक के जीवन में सुखों का आगमन होता है। साथ ही सभी प्रकार के दूख और संकट दूर हो जाते हैं। ज्योतिष आर्थिक विषमता दूर करने के लिए भगवान गणेश की पूजा करने की सलाह देते हैं। भगवान गणेश की पूजा करने से कुंडली में कारोबार के दाता बुध देव प्रसन्न होते हैं। अगर आप कारोबार में मनमुताबिक सफलता पाना चाहते हैं, तो बुधवार के दिन विधिवत भगवान गणेश की पूजा करें। साथ ही पूजा के समय भगवान गणेश के नामों का जप करें।

    यह भी पढ़ें: भगवान गणेश की पूजा के समय करें मंत्रों का जप एवं आरती, दूर होंगे सभी दुख एवं कष्ट

    गणपति जी के 108 नाम

    1. ॐ गजाननाय नमः

    2. ॐ गणाध्यक्षाय नमः

    3. ॐ विघ्नराजाय नमः

    4. ॐ विनायकाय नमः

    5. ॐ द्वैमातुराय नमः

    6. ॐ द्विमुखाय नमः

    7. ॐ प्रमुखाय नमः

    8. ॐ सुमुखाय नमः

    9. ॐ कृतिने नमः

    10. ॐ ब्रह्मचारिणे नमः

    11. ॐ ब्रह्मरूपिणे नमः

    12. ॐ ब्रह्मविद्यादि दानभुवे नमः

    13. ॐ जिष्णवे नमः

    14. ॐ विष्णुप्रियाय नमः

    15. ॐ भक्त जीविताय नमः

    16. ॐ जितमन्मधाय नमः

    17. ॐ सुप्रदीपाय नमः

    18. ॐ सुखनिधये नमः

    19. ॐ सुराध्यक्षाय नमः

    20. ॐ सुरारिघ्नाय नमः

    21. ॐ महागणपतये नमः

    22. ॐ मान्याय नमः

    23. ॐ महाकालाय नमः

    24. ॐ महाबलाय नमः

    25. ॐ हेरम्बाय नमः

    26. ॐ लम्बजठरायै नमः

    27. ॐ ह्रस्व ग्रीवाय नमः

    28. ॐ महोदराय नमः

    29. ॐ मदोत्कटाय नमः

    30. ॐ महावीराय नमः

    31. ॐ मन्त्रिणे नमः

    32. ॐ मङ्गल स्वराय नमः

    33. ॐ प्रमधाय नमः

    34. ॐ प्रथमाय नमः

    35. ॐ प्राज्ञाय नमः

    36. ॐ विघ्नकर्त्रे नमः

    37. ॐ विघ्नहर्त्रे नमः

    38. ॐ बल नमः

    39. ॐ बलोत्थिताय नमः

    40. ॐ भवात्मजाय नमः

    41. ॐ पुराण पुरुषाय नमः

    42. ॐ पूष्णे नमः

    43. ॐ पुष्करोत्षिप्त वारिणे नमः

    44. ॐ अग्रगण्याय नमः

    45. ॐ अग्रपूज्याय नमः

    46. ॐ अग्रगामिने नमः

    47. ॐ मन्त्रकृते नमः

    48. ॐ चामीकरप्रभाय नमः

    49. ॐ सर्वाय नमः

    50. ॐ सर्वोपास्याय नमः

    51. ॐ सर्व कर्त्रे नमः

    52. ॐ सर्वनेत्रे नमः

    53. ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः

    54. ॐ सिद्धये नमः

    55. ॐ पञ्चहस्ताय नमः

    56. ॐ पार्वतीनन्दनाय नमः

    57. ॐ प्रभवे नमः

    58. ॐ कुमारगुरवे नमः

    59. ॐ अक्षोभ्याय नमः

    60. ॐ कुञ्जरासुर भञ्जनाय नमः

    61. ॐ प्रमोदाय नमः

    62. ॐ मोदकप्रियाय नमः

    63. ॐ गम्भीर निनदाय नमः

    64. ॐ वटवे नमः

    65. ॐ अभीष्टवरदाय नमः

    66. ॐ ज्योतिषे नमः

    67. ॐ भक्तनिधये नमः

    68. ॐ भावगम्याय नमः

    69. ॐ मङ्गलप्रदाय नमः

    70. ॐ अव्यक्ताय नमः

    71. ॐ अप्राकृत पराक्रमाय नमः

    72. ॐ सत्यधर्मिणे नमः

    73. ॐ सखये नमः

    74. ॐ सरसाम्बुनिधये नमः

    75. ॐ महेशाय नमः

    76. ॐ दिव्याङ्गाय नमः

    77. ॐ मणिकिङ्किणी मेखालाय नमः

    78. ॐ समस्त देवता मूर्तये नमः

    79. ॐ सहिष्णवे नमः

    80. ॐ सततोत्थिताय नमः

    81. ॐ विघातकारिणे नमः

    82. ॐ विश्वग्दृशे नमः

    83. ॐ विश्वरक्षाकृते नमः

    84. ॐ कल्याणगुरवे नमः

    85. ॐ उन्मत्तवेषाय नमः

    86. ॐ अपराजिते नमः

    87. ॐ समस्त जगदाधाराय नमः

    88. ॐ सर्वैश्वर्यप्रदाय नमः

    89. ॐ आक्रान्त चिद चित्प्रभवे नमः

    90. ॐ श्री विघ्नेश्वराय नमः

    91. ॐ विश्वनेत्रे नमः

    92. ॐ विराट्पतये नमः

    93. ॐ श्रीपतये नमः

    94. ॐ वाक्पतये नमः

    95. ॐ शृङ्गारिणे नमः

    96. ॐ अश्रितवत्सलाय नमः

    97. ॐ शिवप्रियाय नमः

    98. ॐ शीघ्रकारिणे नमः

    99. ॐ शाश्वताय नमः

    100. ॐ कान्तिमते नमः

    101. ॐ धृतिमते नमः

    102. ॐ कामिने नमः

    103. ॐ कपित्थपनसप्रियाय नमः

    104. ॐ ऐश्वर्यकारणाय नमः

    105. ॐ ज्यायसे नमः

    106. ॐ यक्षकिन्नेर सेविताय नमः

    107. ॐ गङ्गा सुताय नमः

    108. ॐ गणाधीशाय नमः

    यह भी पढ़ें: बुधवार के दिन पूजा के समय करें इन मंत्रों का जप, चमक उठेगा सोया हुआ भाग्य

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।