धनतेरस पर तांबे-पीतल से लेकर सोने-चांदी तक... कैसे और क्यों बदल गई खरीदारी की ये प्राचीन परंपरा?
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने से धातु खरीदने की परंपरा शुरू हुई, जो अब तांबे-पीतल से सोना-चांदी तक बदल गई है।
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धनतेरस पर क्यों खरीदते हैं सोना-चांदी? (Picture Credits- AI Images)
HighLights
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी, कुबेर की पूजा होती है।
प्राचीन काल में धातु के बर्तन खरीदने की परंपरा थी।
अब सोना, चांदी, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी खरीदे जाते हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस (Dhanteras 2026) का पर्व मनाया जाता है। इस अवसर पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इनकी साधना करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और धन लाभ के योग बनते हैं।
इस अवसर पर सोना, चांदी और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा कब और कैसे शुरू हुई और कैसे बदल गई इसे मनाने की परंपरा? अगर नहीं, तो आइए इस आर्टिकल में आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भगवान विष्णु के अंशावतार भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। भगवान धन्वंतरि संसार को रोगों और कष्टों से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से प्रकट हुए थे। इसी वजह से उन्हें आयुर्वेद और आरोग्य का आदिदेव माना जाता है। भगवान धन्वंतरि के हाथों में धातु का अमृत कलश होने की वजह से ही धनतेरस के दिन धातु से बनी वस्तुएं खरीदने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है।
पहले और अब में अंतर
पहले के समय में धनतेरस के दिन तांबे, पीतल या कांसे के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता था। इसका उद्देश्य नई और शुद्ध धातु घर लाना था, जो समृद्धि का प्रतीक थी। बदलते समय के साथ इस परंपरा में भी बदलाव हुआ है। आज के समय में लोग अपनी हैसियत के अनुसार धनतेरस के दिन सोना, चांदी के अलावा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी खरीदते हैं।
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना क्यों है शुभ?
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि धातु का कलश लेकर प्रकट हुए थे। उस कलश में अमृत भरा था। इसलिए इस दिन धातु से बनी चीजें (विशेषकर सोना और चांदी) खरीदना मंगलकारी माना जाता है। धनतेरस के अवसर पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन चीजों को खरीदने से अखंड समृद्धि आती है। साथ ही घर में मान-सम्मान, यश और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
कब है धनतेरस 2026? (Dhanteras 2026 Date)
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार धनतेरस का पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा।
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