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Chhath Puja 2026: 4 दिनों के महापर्व का काउंटडाउन शुरू, नोट कर लें नहाय-खाय से उषा अर्घ्य तक की डेट और टाइमिंग

Published: Tue, 03 Nov 2026 05:00 PM (IST)

संतान और आरोग्य के लिए रखे जाने वाले इस 4 दिवसीय छठ पूजा में नहाय-खाय, खरना, संध्या और उषा अर्घ्य ...और पढ़ें

36 घंटे का किया जाता है निर्जला व्रत (Picture Credits- AI Images)

36 घंटे का किया जाता है निर्जला व्रत (Picture Credits- AI Images)

HighLights

  1. नहाय-खाय से शुरू होगा चार दिवसीय महापर्व।

  2. संतान प्राप्ति और स्वास्थ्य के लिए है विशेष महत्व।

  3. संध्या और उषा अर्घ्य के समय नोट करें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में छठ पूजा (Chhath Puja 2026) का पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस महापर्व को 4 दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान घर से लेकर घाटों तक बेहद खास रौनक देखने को मिलती है। छठ पूजा के दौरान छठी माता और सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही 36 घंटे का निर्जला व्रत किया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से संतान की प्राप्ति होती है और संतान को स्वास्थ्य व दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार बताते हैं कि कब से शुरू होगी छठ पूजा और संध्या अर्घ्य एवं उषा अर्घ्य का क्या समय रहेगा।

नहाय खाय 2026 (Nahay Khay 2026 Date)

कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर नहाय खाय की परंपरा निभाई जाती है।
चतुर्थी तिथि की शुरुआत- 12 नवंबर को शाम 06 बजकर 09 मिनट पर
चतुर्थी तिथि का समापन- 13 नवंबर को रात 08 बजकर 42 मिनट पर
वैदिक पंचांग के अनुसार, छठ पूजा की शुरुआत 13 नवंबर से होगी। इसी दिन नहाय खाय है।

खरना 2026 (Kharna 2026 Date)

हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना का पर्व मनाया जाता है।
पंचमी तिथि की शुरुआत- 13 नवंबर को रात 08 बजकर 42 मिनट पर
पंचमी तिथि का समापन- 14 नवंबर को रात 11 बजकर 23 मिनट पर

छठ पूजा 2026 संध्या अर्घ्य डेट और टाइम (Chhath Puja 2026 Sandhya Arghya Date and Time)

छठ पूजा के दिन तीसरे दिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने का विधान है।
षष्ठी तिथि का समापन- 14 नवंबर को रात को 11 बजकर 23 मिनट पर
षष्ठी तिथि का समापन- 16 नवंबर को रात 2 बजे
सूर्यास्त का समय- 05 बजकर 45 मिनट पर

छठ पूजा 2026 उषा अर्घ्य डेट और टाइम (Chhath Puja 2026 Usha Arghya Date and Time)

छठ पूजा का आखिरी दिन सप्तमी तिथि पर होता है इस दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने का विधान है.
सप्तमी तिथि की शुरुआत- 16 नवंबर को रात 02 बजे
सप्तमी तिथि का समापन- 17 नवंबर को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर

छठ पूजा का धार्मिक महत्व

1. नहाय-खाय
यह तन और मन की शुद्धि का पहला चरण है, जिसमें स्नान के बाद सात्विक कद्दू-भात का सेवन किया जाता है।

2. खरना
दिनभर निर्जला उपवास रखकर शाम को षष्ठी देवी को अर्पित गुड़-चावल की खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण किया जाता है। यह आत्मिक शुद्धि का दिन है, जिसके साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का कठिन और निर्जला व्रत शुरू होता है।

3. संध्या अर्घ्य
तीसरे दिन ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। साथ ही सूर्य देव और छठी माता की पूजा-अर्चना करने का विधान है।

4. उषा अर्घ्य
आखिरी यानी चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया देने का विधान है। इसके बाद व्रती प्रसाद ग्रहण कर पारण करते हैं और यह चार दिवसीय कठोर तपस्या पूर्ण होती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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