छठ पूजा की सामग्री की लिस्ट बना रहे हैं? भूल से भी न छूटें ये 5 चीजें, वरना अधूरा रह जाएगा व्रत
हिंदू धर्म में छठ पूजा 2026 का महापर्व 13 से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा, जिसे अत्यंत पवित्र माना जाता ...और पढ़ें
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छठ पूजा में जरूर शामिल करें ये चीजें (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में छठ पूजा (Chhath Puja 2026) के पर्व को अधिक पवित्र और कल्याणकारी माना जाता है। यह महापर्व 4 दिनों तक मनाया जाता है। छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। वहीं, इसका समापन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद होता है।
इस व्रत को बहुत कठिन माना जाता है, क्योंकि व्रत के दौरान अन्न और जल का सेवन नहीं किया जाता है। इस दौरान छठी मैया और सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, छठ पूजा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और छठी मैया एवं सूर्य देव की कृपा से साधक को शुभ परिणाम मिलते हैं।
इस पूजा के दौरान विशेष चीजों को शामिल करना चाहिए, तभी साधक को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि छठ पूजा से पहले ही विशेष चीजों को एकत्र कर लें। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में, जिनके बिना छठ पूजा अधूरी मानी जाती है।
1. ठेकुआ
छठ पूजा का सबसे प्रमुख प्रसाद ठेकुआ है। इसे गेहूं के आटे, गुड़ और देसी घी से बनाया जाता है। पूजा के दौरान छठी मैया और सूर्य देव को ठेकुआ का भोग लगाया जाता है। इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए छठ पूजा की थाली में ठेकुआ जरूर शामिल करना चाहिए।
2. बांस का सूप और दउरा
छठ पूजा के दौरान सारे प्रसाद और सामग्री को सूप और टोकरी में रखा जाता है। इसमें सामान को रखकर घर से छठ घाट तक ले जाया जाता है। सूर्य देव को अर्घ्य देते समय बांस के सूप और दउरे का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है।
3. गन्ना
इसके अलावा छठ पूजा में गन्ने का भी विशेष महत्व है। गन्ने की मदद से एक मंडप बनाया जाता है। सूप में भी पत्तों वाला गन्ना रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा में गन्ने को शामिल करने से जीवन में सुख, समृद्धि और मिठास आती है।
4. जटा वाला नारियल
छठ पूजा की सामग्री में जटा वाला नारियल भी शामिल करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कई व्रती मन्नत पूरी होने पर नारियल अर्पित करते हैं। हिंदू धर्म में नारियल को 'श्रीफल' कहा जाता है, जो अधिक पवित्र है। नारियल के अंदर मौजूद पानी बाहरी अशुद्धियों से पूरी तरह सुरक्षित और पवित्र होता है।
5. मिट्टी का दीपक
पूजा में मिट्टी के दीपक की भी आवश्यकता पड़ती है। एक बात का ध्यान रखें कि दीपक टूटा हुआ नहीं होना चाहिए। पूजा में टूटे हुए दीपक को शामिल करने की मनाही है। मान्यता के अनुसार, पूजा के दौरान दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
कब से शुरू होगी छठ पूजा?
वैदिक पंचांग के अनुसार, छठ पूजा का पर्व 13 नवंबर 2026 से शुरू होकर 16 नवंबर तक चलेगा।
13 नवंबर: नहाय-खाय
14 नवंबर: खरना
15 नवंबर: संध्या अर्घ्य
16 नवंबर: उषा अर्घ्य
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