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क्या नौकरी के लिए इंटरव्यू देने से कांपते हैं पैर? भगवद्गीता का यह श्लोक देगा आपको अटूट साहस और आत्मविश्वास

Published: Thu, 08 Oct 2026 07:00 AM (IST)

नौकरी के इंटरव्यू से पहले होने वाले डर और आत्मविश्वास की कमी को दूर करने के लिए भगवद्गीता का दूसरा अध्याय का छठा श्लोक बहुत मददगार है।

भगवद्गीता का श्लोक देगा हिम्‍मत । (Picture Credit- AI Generated)हिम्‍म

भगवद्गीता का श्लोक देगा हिम्‍मत । (Picture Credit- AI Generated)हिम्‍म

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है। कई लोग कॉन्फिडेंट होते हैं, तो कई लोगों को सेल्फ डाउट की समस्या हो जाती है। ऐसे में सब कुछ आने के बाद और वेल डिजर्विंग होने के बावजूद भी कई बार इंटरव्यू में कुछ खास नहीं कर पाते हैं, क्योंकि डर और सेल्फ डाउट हमारे अंदर इस कदर बैठा होता है कि हम अपनी प्रतिभा को खुलकर नहीं दिखा पाते हैं।

ऐसे में भगवद्गीता के दूसरे अध्‍याय का 6वां श्‍लोक बहुत मददगार हो सकता है। किसी जॉब इंटरव्‍यू में जाने से पहले हम इस श्‍लोक का पाठ कर लें, तो मन का सारा भय, भ्रम और कायरता दूर हो जाती है। तो चलिए हम आपको इस श्‍लोक के बारे में विस्‍तार से बताते हैं।

भगवद्गीता का श्‍लोक

क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थ नैतत्त्वय्युपपद्यते।

क्षुद्रं हृदयदौर्बल्यं त्यक्त्वोत्तिष्ठ परन्तप।।

श्‍लोक का अर्थ

इस श्लोक में भगवान श्री कृष्ण पार्थ से कहते हैं, 'कायर मत बनो, अपना कर्म करो। तुम मेहनती योद्धा हो, कायरता तुम्हारे योग्य नहीं है। तुम्हें शत्रुओं का दमन करना है। उन्हें मार गिराना है, अपने मन को कमजोर मत बनाओ। अपने सारे डर, भय और कायरता को छोड़कर युद्ध के लिए खड़े हो जाओ।'

भगवद्गीता के श्‍लोक से क्‍या सीख मिलती है?

किसी कर्म को करने से पहले ही डर जाना कायरता है। हमें जॉब इंटरव्‍यू में जाने से पूर्व जो भय मन में होता है, वो हमेशा हमारे अंदर नकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है। इससे हम पूरे आत्‍मविश्‍वास के साथ इंटरव्‍यू नहीं दे पाते हैं, क्‍योंकि हमारे मन में यही भय होता है कि अगर इंटरव्‍यू में सफल नहीं हुए तो क्‍या होगा? मगर हम यह क्यों नहीं सोचते हैं कि इंटरव्यू में सफल हो गए तब कितना अच्छा हो जाएगा।

इस श्लोक का पाठ करने से आपको हौसला मिलता है और आपके अंदर का भय दूर हो जाता है। आपके अंदर खुद की प्रतिभा को लेकर जो सेल्फ डाउट है वो दूर हो जाता है। इतना ही नहीं, यह श्लोक हमें यह भी बताता है कि किसी नए काम, इंटरव्यू या फिर अवसर के लिए मन में भय की जगह उत्सुकता का भाव होना चाहिए, क्योंकि भय हमें जंजीरों में बांधता है और हम खुद को सीमित कर लेते हैं। वहीं उत्साह हमें नई चीजें सीखने का मौका देता है।

अतः आप भी यदि किसी नई जॉब के लिए इंटरव्यू देने जा रहे हैं, तो आपको भी भगवद्गीता का यह श्लोक पढ़कर ही जाना चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।